पद्मिनी एकादशी पर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भव्य कीर्तन, भक्तिरस में डूबा ज्वालामुखी
बोहण देहरा रोड स्थित प्राचीन मंदिर में गूंजे भजन-कीर्तन, श्रद्धालुओं ने किया श्री हरि का गुणगान
पद्मिनी एकादशी पर सजा श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, देर शाम तक चलता रहा भजन-कीर्तन
भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हुआ श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, पद्मिनी एकादशी पर उमड़े श्रद्धालु
“जय लक्ष्मी नारायण” के जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर, पद्मिनी एकादशी पर विशेष पूजा-अर्चना
ज्वालामुखी। पद्मिनी एकादशी के पावन अवसर पर ज्वालामुखी के बोहण देहरा रोड स्थित प्राचीन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भव्य कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा तथा सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर में पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और आकर्षक सजावट से भव्य रूप दिया गया था। कीर्तन मंडलियों द्वारा प्रस्तुत किए गए मधुर भजनों और संकीर्तन ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में डुबो दिया। “जय लक्ष्मी नारायण” और “हरि नाम” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री हरि लक्ष्मी नारायण जी की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। श्रद्धालु पूरे भाव और श्रद्धा के साथ भजन-कीर्तन में झूमते नजर आए। मंदिर में विशेष रूप से पद्मिनी एकादशी का महत्व बताया गया तथा कहा गया कि यह एकादशी भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है।
धार्मिक आयोजन में उपस्थित भक्तों ने कहा कि ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज में प्रेम, भाईचारे और धार्मिक आस्था को मजबूत करने का कार्य करते हैं। मंदिर कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और भंडारे की भी व्यवस्था की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
देर शाम तक मंदिर परिसर में भजनों की मधुर स्वर लहरियां गूंजती रहीं और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। पद्मिनी एकादशी के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्य एवं यादगार बना दिया।