भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
27 मई 2026 बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है और व्यतीपात योग का विशेष संयोग बन रहा है। भगवान विष्णु और गणेश जी की पूजा के लिए आज का दिन अत्यंत शुभ रहेगा। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेंगे। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 27 मई 2026 , राहुकाल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक।
आज का पंचांग
तिथि
शुक्ल पक्ष एकादशी प्रातः 06:22 बजे तक , फिर द्वादशी प्रारंभ
वार - बुधवार
नक्षत्र - हस्त नक्षत्र प्रातः 05:56 बजे तक , इसके बाद चित्रा नक्षत्र
योग - व्यतीपात योग
करण - विष्टि करण सुबह तक , बाद में बव करण
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 05:25 बजे
सूर्यास्त: सायं 07:10 बजे लगभग
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: आज कोई नहीं है।
अमृत काल रात्रि 01 बजकर 09 मिनट (28 मई) से रात्रि 02 बजकर 54 मिनट (28 मई) तक।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 53 मिनट से 4 बजकर 39 मिनट तक।
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल - दोपहर 12:00 बजे से 01:31 बजे तक
इस दौरान नए और शुभ कार्यों से बचना बेहतर रहेगा।
सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक गुलिक काल रहेगा।
सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक यमगंड रहेगा।
आज का धार्मिक महत्व
आज पद्मिनी/कमला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, दान और मंत्र जाप का विशेष फल प्राप्त होगा। बुधवार होने के कारण गणेश जी की पूजा भी अत्यंत शुभ मानी जाती है।
आज का शुभ उपाय
भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
“ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने से बुद्धि, धन और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।