भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। 24 मई 2026, रविवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। हर्षण योग और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र के प्रभाव से कई शुभ कार्यों के लिए दिन अनुकूल माना जा रहा है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार ज्येष्ठ शुक्ल नवमी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 24 मई 2026 , राहुकाल: शाम 5:23 बजे से 7:05 बजे तक । राहुकाल सायं 04:30 से 06:00 बजे तक।
24 मई 2026 का पंचांग
वार: रविवार
मास: ज्येष्ठ मास
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: नवमी अगले दिन प्रातः 04 बजकर 30 मिनट (प्रातः 4:27 बजे तक), इसके बाद दशमी आरंभ
नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी
योग: हर्षण योग
करण: बालव, फिर कौलव
सूर्योदय: सुबह 5:30 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:05 बजे
चंद्र राशि: सिंह
सूर्य राशि: वृषभ
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 बजे से 12:45 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 3:50 बजे से 4:38 बजे तक
अमृत काल: रात 8:15 बजे से 9:54 बजे तक
अशुभ समय
राहुकाल: सायं 04:30 से 06:00 बजे तक। तक
यमगंड काल: दोपहर 12:18 बजे से 2:00 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 3:41 बजे से 5:23 बजे तक
आज का विशेष महत्व
आज हर्षण योग बनने से नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए दिन शुभ माना गया है। पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रचनात्मक कार्यों और सामाजिक गतिविधियों के लिए लाभदायक माना जाता है।
आज सूर्य देव को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। रविवार के दिन गेहूं या तांबे की वस्तुओं का दान करना मान-सम्मान में वृद्धि और जीवन के सुंदर कार्यों के संपादन के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।