शुक्रवार, 22 मई 2026
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिंदू पंचांग के अनुसार आज का दिन धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार को ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 22 मई 2026,राहुकाल सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक।
तिथि
षष्ठी तिथि – प्रातः 06:24 बजे तक, फिर सप्तमी
वार
शुक्रवार
नक्षत्र
पुनर्वसु नक्षत्र – रात्रि 11:08 तक
उसके बाद पुष्य नक्षत्र
योग
ध्रुव योग
करण
कौलव
तैतिल
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
सूर्योदय – प्रातः 05:28 बजे
सूर्यास्त – सायं 07:08 बजे
चंद्रोदय एवं चंद्रास्त
चंद्रोदय – प्रातः 10:46 बजे
चंद्रास्त – रात्रि 12:15 बजे
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 11:51 से 12:45 तक
अमृत काल रात्रि 12 बजकर 34 मिनट (23 मई) से रात्रि 02 बजकर 08 मिनट (23 मई) तक।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 56 मिनट से 4 बजकर 41 मिनट तक।
राहुकाल
प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक
सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक गुलिक काल रहेगा।
दोपहर 03:30 से 04:30 बजे तक यमगंड रहेगा।
दिशाशूल
पश्चिम दिशा
आज का विशेष महत्व
आज माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। शुक्रवार होने के कारण धन, सुख और समृद्धि की कामना के लिए व्रत एवं पूजा का विशेष महत्व है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।