भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिंदू पंचांग के अनुसार 20 मई 2026, बुधवार का दिन धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज विनायक चतुर्थी का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे भगवान गणेश की आराधना का महत्व और बढ़ जाता है। आज बुधवार ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्थी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 20 मई 2026, राहुकाल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक
आज का पंचांग
तारीख: 20 मई 2026
वार: बुधवार
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: चतुर्थी (पूर्वाह्न तक), प्रातः 11 बजकर 06 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ।
मास: अधिक ज्येष्ठ मास
नक्षत्र: आर्द्रा
योग: शूल योग
करण: विष्टि करण
अयन: उत्तरायण
ऋतु: ग्रीष्म ऋतु
⏰ शुभ मुहूर्त
🌅 सूर्योदय: सुबह 5:27 बजे
🌇 सूर्यास्त: शाम 7:06 बजे
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त - आज कोई नहीं है।
अमृत काल रात्रि 02 बजकर 00 मिनट (21 मई) से प्रातः 03 बजकर 28 मिनट (21 मई) तक।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3 बजकर 57 मिनट से 4 बजकर 43 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
❌ राहुकाल: दोपहर 12:18 बजे से 1:59 बजे तक
❌ यमगंड काल: सुबह 7:10 बजे से 8:51 बजे तक
❌ गुलिक काल: सुबह 10:34 बजे से 12:17 बजे तक
🙏 आज का धार्मिक महत्व
आज विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। बुधवार होने के कारण गणपति पूजन विशेष फलदायी माना गया है।
🌺 आज का शुभ उपाय
भगवान गणेश को सिंदूर, दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
इसके बाद यह मंत्र बोलें —
“ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात्।”
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।