Government Senior Secondary School Kathog में “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम एवं शपथ समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने अत्यंत उत्साह, जागरूकता एवं जिम्मेदारी के साथ सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की।
कार्यक्रम का आयोजन श्री अजय कुमार , उप-महानिरीक्षक, केन्द्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र, सपड़ी, के प्रेरणादायक मार्गदर्शन, संरक्षण एवं नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसने कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायक, प्रभावशाली एवं सार्थक बनाया। उनके प्रेरक संबोधन ने उपस्थित युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं एवं समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति व्यापक जन-जागरूकता उत्पन्न करना, नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक नुकसान के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना तथा युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने हेतु प्रेरित करना था।
इस अवसर पर वक्ताओं द्वारा नशे के विभिन्न प्रकारों, उनके दुष्परिणामों तथा उनसे बचाव के उपायों पर विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य एवं भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार, समाज एवं राष्ट्र की प्रगति में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करता है। विद्यार्थियों एवं युवाओं को विशेष रूप से यह संदेश दिया गया कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं सकारात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी करें।
कार्यक्रम के दौरान “नशा मुक्त भारत” के निर्माण हेतु शपथ समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने हेतु सक्रिय योगदान देने की शपथ ली। साथ ही सभी को अपने परिवार, मित्रों एवं समाज में भी नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया कि —
“सशक्त एवं जागरूक युवा ही सशक्त राष्ट्र की नींव होते हैं।”
सभी उपस्थित जनों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, उत्तम संस्कार विकसित करने तथा नशे से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति, संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना रखने हेतु प्रेरित किया गया।