शुभ प्रभात | 16 मई 2026 का दैनिक पंचांग 🌞
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज का दिन आध्यात्म, साधना और कर्म का विशेष संदेश लेकर आया है। शनिवार होने के साथ-साथ आज शनि जयंती और अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन पूजा-पाठ, दान और आत्मचिंतन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 16 मई 2026, राहुकाल सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक।
🗓️ आज की तिथि और वार
📍 दिन – शनिवार
📍 तिथि – अमावस्या तिथि रात्रि 01 बजकर 30 मिनट (17 मई) तक उपरांत शुक्ल प्रतिपदा तिथि का आरंभ।
📍 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📍 मास – वैशाख मास
📍 संवत्सर – विक्रम संवत 2083
🌅 दिनचर्या का समय
☀️ सूर्योदय – प्रातः 5:49 बजे
🌇 सूर्यास्त – सायं 6:57 बजे
🌙 चंद्रोदय – आज अमावस्या होने से चंद्र दर्शन नहीं होगा।
⭐ नक्षत्र एवं योग
✨ नक्षत्र – भरणी
✨ योग – सौभाग्य योग
✨ करण – चतुष्पद
आज का योग शुभ कार्यों में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना गया है।
⛔ अशुभ समय
🔸 राहुकाल – सुबह 9:00 से 10:30 तक
🔸 यमगण्ड – दोपहर 2:01 से 3:40 तक
🔸 गुलिक काल – सुबह 5:49 से 7:27 तक
इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना शुभ माना जाता है।
🪔 आज के विशेष पर्व
🌑 शनि अमावस्या
शनिवार और अमावस्या का संगम जीवन की बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है।
🛕 शनि जयंती
आज शनिदेव की विशेष पूजा का दिन है। तेल, काले तिल और उड़द का दान शुभ माना जाता है।
🌳 वट सावित्री व्रत
सुहागिन महिलाएँ अखंड सौभाग्य के लिए वट वृक्ष की पूजा करेंगी।
🔔 आज का सरल उपाय
पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।
🌸 आज का प्रेरक संदेश 🌸
“कर्म की राह पर धैर्य के साथ चलने वाला व्यक्ति देर से ही सही, लेकिन मंज़िल जरूर पाता है।”
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।