शुभ शुक्रवार का पंचांग 🌺
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। आज का दिन भगवान शिव और माता लक्ष्मी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। मासिक शिवरात्रि और प्रदोष व्रत का पावन संयोग बनने से धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व रहेगा। पूजा-पाठ, दान-पुण्य और मंत्र जाप से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार को ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 15 मई 2026, राहुकाल सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक।
आज का पंचांग
🔸 तिथि — कृष्ण पक्ष त्रयोदशी प्रातः 08:31 बजे तक, फिर चतुर्दशी
🔸 वार — शुक्रवार
🔸 मास — ज्येष्ठ मास
🔸 नक्षत्र — अश्विनी
🔸 योग — आयुष्मान योग
🔸 करण — वणिज करण
🌞 सूर्योदय एवं सूर्यास्त
☀️ सूर्योदय — प्रातः 5:32 बजे
🌇 सूर्यास्त — सायं 6:58 बजे
शुभ मुहूर्त
✨ अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11:54 बजे से 12:46 बजे तक
🌸 ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 3:38 बजे से 4:21 बजे तक
🙏 पूजा, जप और नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम समय।
अशुभ समय
🚫 राहुकाल - सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
🚫 यमगण्ड काल - दोपहर 3:20 बजे से 4:58 बजे तक
इस दौरान शुभ कार्य और यात्रा से बचना बेहतर रहेगा।
आज का धार्मिक महत्व
🔱 मासिक शिवरात्रि
भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए विशेष दिन।
शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने से कष्ट दूर होते हैं।
🌙 प्रदोष व्रत
सायंकाल शिव आराधना करने से सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
आज का शुभ उपाय
शाम के समय शिव मंदिर में जाकर
🔔 “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।
साथ ही गरीबों को सफेद वस्त्र या चावल का दान करें।
आज का प्रेरक संदेश
“श्रद्धा और विश्वास से किया गया हर कार्य सफलता का मार्ग खोल देता है।कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें। ”