भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 7 मई 2026 (गुरुवार) का दिन धार्मिक और दैनिक कार्यों की योजना के लिए महत्वपूर्ण है। आज वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है, जो : प्रातः 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी शुरू होगी। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार दिन मध्यम शुभ फल देने वाला है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज गुरुवार , ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी है है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 7 मई 2026 । राहुकाल: दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक।
📅 पंचांग विवरण
वार: गुरुवार
मास: वैशाख
पक्ष: कृष्ण पक्ष
🗓️ तिथि
पंचमी: सुबह 10:13 बजे तक षष्ठी: इसके बाद प्रारंभ
⭐ नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा: शाम 6:45 बजे तक
उत्तराषाढ़ा: इसके बाद शुरू
🔯 योग
साध्य योग: दिन में प्रभावी
इसके बाद शुभ योग
🪔 करण
तैतिल करण
गर करण
वणिज करण
🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 5:55 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 6:48 बजे (लगभग)
🌙 चंद्रमा की स्थिति
चंद्रमा दिन में धनु राशि में रहेगा
इसके बाद मकर राशि में गोचर करेगा
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 11:51 AM से 12:44 PM
अमृत काल दोपहर 01 बजकर 23 मिनट से दोपहर 03 बजकर 11 मिनट तक।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 06 मिनट से 04 बजकर 51 मिनट तक।
नए कार्य, निवेश या शुभ शुरुआत के लिए उत्तम समय
अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 1:30 बजे से 3:00 बजे तक
यमगंड काल: सुबह 6:00 बजे से 7:30 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक
👉 इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए
7 मई 2026 का दिन सामान्य से अच्छा माना जा रहा है। पंचमी तिथि और साध्य योग धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल हैं। हालांकि राहुकाल और यमगंड काल में सावधानी बरतना जरूरी है। सही मुहूर्त में कार्य करने से सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।