भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया , 4 मई 2026, राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक।
तिथि: ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया – रात्रि 05:24 बजे (05 मई) तक, फिर चतुर्थी
🌙 नक्षत्र: विशाखा (रात तक), फिर अनुराधा प्रारंभ
🧘 योग: सिद्धि योग
🔱 करण: बव → बालव
🌅 सूर्योदय: सुबह 5:35 बजे (लगभग)
🌇 सूर्यास्त: शाम 6:55 बजे (लगभग)
🌙 चंद्रोदय: रात 8:20 बजे (लगभग)
🌑 चंद्र राशि: तुला → वृश्चिक
शुभ मुहूर्त:
अभिजीत मुहूर्त:
दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक।
अमृत काल: रात्रि 03 बजकर 02 मिनट से प्रातः 04 बजकर 49 मिनट तक (05 मई) ।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4 बजकर 09 मिनट से 4 बजकर 53 मिनट तक।
अशुभ समय:
⚠️ राहुकाल: सुबह 7:30 – 9:00
⚠️ यमगंड काल: 10:30 – 12:00
⚠️ गुलिक काल: 1:30 – 3:00
आज का विशेष:
🌿 दिन: सोमवार (भगवान शिव को समर्पित)
🙏 शिव पूजा, जलाभिषेक और मंत्र जाप के लिए शुभ दिन
📿 नए कार्य की शुरुआत से पहले शुभ मुहूर्त जरूर देखें
आज का दिन सामान्य से शुभ है। सही समय पर कार्य करने से सफलता मिलने के योग हैं, लेकिन राहुकाल में कोई भी नया काम शुरू करने से बचें।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।