भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज गुरुवार है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 30 अप्रैल 2026 को वैशाख शुक्ल चतुर्दशी तिथि है। राहुकाल दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक।
गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। आज Narasimha Jayanti और Chhinnamasta Jayanti का पावन अवसर है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है और इस दिन व्रत, पूजा और दान का विशेष महत्व होता है।
पंचांग के अनुसार आज चतुर्दशी तिथि रहेगी, जो रात 9 बजकर 12 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
🌅 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:16 से 4:49 तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:55 से 7:15 तक
अमृत काल: शाम 7:20 से 9:04 तक
आज विशेष रूप से रवि योग बन रहा है, जो सुबह 5:42 बजे से लेकर रात 2:16 बजे तक रहेगा। रवि योग को अत्यंत शुभ माना जाता है—इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता और समृद्धि के योग बनते हैं।
⚠️ अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: दोपहर 1:30 से 3:00 तक
गुलिक काल: सुबह 9:01 से 10:40 तक
वर्ज्य काल: सुबह 8:56 से 10:40 तक
यमगण्ड काल: सुबह 5:42 से 7:22 तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 10:07 से 10:00 तक (समय में हल्का अंतर स्थानीय पंचांग अनुसार संभव)
⛔ भद्रा काल
भद्रा का साया आज रात 9:12 बजे से शुरू होकर अगली सुबह 5:42 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन पीले वस्त्र अर्पित करना, व्रत रखना और दान करना शुभ फलदायी माना जाता है। विशेष रूप से आज के दिन किए गए धार्मिक कार्यों से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।