भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
26 अप्रैल 2026, रविवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह दिन बैशाख मास, शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि में आता है। इस दिन सूर्य से संबंधित ऊर्जा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का प्रभाव अधिक रहता है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ समय और महत्वपूर्ण मुहूर्त।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, वैशाख शुक्ल दशमी तिथि, 26 अप्रैल 2026, राहुकाल सायं 04:30 से 06:00 बजे तक।
आज का पंचांग (26 अप्रैल 2026)
तिथि: शुक्ल पक्ष दशमी (शाम 6:06 बजे तक), इसके बाद एकादशी
नक्षत्र: मघा (शाम 8:27 बजे तक), फिर पूर्वाफाल्गुनी
योग: वृद्धि (रात 10:28 बजे तक)
करण: तैतिल (सुबह 6:13 बजे तक), फिर वणिज
मास: बैशाख
दिन: रविवार
सूर्योदय-चंद्रमा समय
सूर्योदय: सुबह 5:45 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:53 बजे
चंद्रोदय: दोपहर 2:10 बजे
चंद्रास्त: 27 अप्रैल सुबह 3:03 बजे
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:18 बजे से 5:01 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: 11:53 AM से 12:45 PM तक
विजय मुहूर्त: 2:30 PM से 3:23 PM तक
अमृत काल: शाम 6:01 बजे से 7:38 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:52 बजे से 7:14 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:57 बजे से 12:40 AM (27 अप्रैल)
रवि योग: सुबह 5:45 बजे से शाम 8:27 बजे तक
अशुभ समय
राहुकाल: शाम 5:15 बजे से 6:53 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 12:19 बजे से 1:58 बजे तक
गुलिक काल: 3:36 PM से 5:15 PM तक
दुर्मुहूर्त: 5:08 PM से 6:01 PM तक
वर्ज्य समय: सुबह 8:16 बजे से 9:53 बजे तक
अन्य ज्योतिषीय तथ्य
गण्ड मूल और विडाल योग सक्रिय रहेंगे
बाण (अग्नि): दोपहर 4:30 बजे तक
ध्रुव व गर समय: शाम 6:06 बजे तक
महत्वपूर्ण सलाह
ज्योतिष के अनुसार, आज राहुकाल और दुर्मुहूर्त के दौरान कोई भी नया कार्य शुरू करने से बचें। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता और सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।