भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार वैशाख शुक्ल षष्ठी तिथि है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 22 अप्रैल 2026
बैशाख मास, शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का यह दिन धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। दिनभर ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई शुभ योग बना रही है, इसलिए सही मुहूर्त का ध्यान रखकर कार्य करने से सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: सुबह 5:49 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:51 बजे
तिथि और नक्षत्र
षष्ठी तिथि: रात 10:49 बजे तक, इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ
आर्द्रा नक्षत्र: रात 10:13 बजे तक, इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र शुरू
शुभ योग और मुहूर्त
रवि योग: सुबह 5:49 बजे से रात 10:13 बजे तक (शुभ कार्यों के लिए अनुकूल)
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:30 बजे से 3:22 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 12:57 बजे से 2:26 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:21 बजे से 5:05 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:50 बजे से 7:12 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: आज उपलब्ध नहीं
अशुभ समय (बचकर रहें)
राहुकाल: दोपहर 12:20 बजे से 1:58 बजे तक
यमगंड काल: सुबह 7:27 बजे से 9:04 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक
दुर्मुहूर्त: दोपहर 11:54 बजे से 12:46 बजे तक
वर्ज्य काल: सुबह 7:45 बजे से 9:14 बजे तक
आज का दिन कई शुभ योगों से युक्त है, खासकर रवि योग और अमृत काल में किए गए कार्य सफल हो सकते हैं। हालांकि, राहुकाल और अन्य अशुभ समय में नए या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना बेहतर रहेगा।
बैशाख मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को आज स्कंद षष्ठी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान भगवान कार्तिकेय (स्कंद/मुरुगन) को समर्पित होता है, जो भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र हैं।
स्कंद षष्ठी का व्रत रखने से साहस, विजय और संतान सुख की प्राप्ति मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान कार्तिकेय की पूजा करने से जीवन के संघर्षों में जीत मिलती है और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। आज का दिन भक्ति और संकल्प का है। सच्चे मन से भगवान कार्तिकेय की आराधना करने से जीवन में शक्ति, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।