भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 20 अप्रैल 2026, तृतीया तिथि प्रातः 07 बजकर 27 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ।
20 अप्रैल 2026 को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। यह दिन अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के रूप में बहुत शुभ माना जाता है। आज कई शुभ योग जैसे सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग बन रहे हैं, जो नए कार्य शुरू करने, दान-पुण्य और पूजा-पाठ के लिए अत्यंत मंगलकारी हैं।
दिन / वार: सोमवार (Somvar)
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थि संवत्सर)
शक संवत: 1948 (पराभव)
मास: वैशाख (पूरnimant / Amant)
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: शुक्ल तृतीया – सुबह 07:27 AM तक (इसके बाद चतुर्थी शुरू)
नक्षत्र: रोहिणी – रात 02:08 AM (21 अप्रैल) तक (बहुत शुभ नक्षत्र)
योग: सौभाग्य योग (सुबह तक), फिर शोभन योग
करण: गरिजा / वणिज (सुबह), फिर विष्टि
चंद्र राशि: वृषभ राशि
सूर्य और चंद्र संबंधी समय (Sun & Moon Timings)सूर्योदय: लगभग 5:51 AM से 6:05 AM (स्थान के अनुसार, दिल्ली/उज्जैन आधारित)
सूर्यास्त: लगभग 6:45 PM से 6:50 PM
चन्द्रोदय: सुबह 7:59 AM
चन्द्रास्त: रात 10:16 PM
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:23 AM से 5:07 AM
अभिजीत मुहूर्त: 11:54 AM से 12:46 PM (शुभ कार्यों के लिए अच्छा)
विजय मुहूर्त: दोपहर में उपलब्ध
गोधूली मुहूर्त: शाम 6:48 PM से 7:11 PM
अमृत काल: शुभ अनुष्ठानों के लिए
अशुभ समय (Inauspicious Timings – सावधानी बरतें)राहुकाल: सुबह 7:52 AM से 9:27 AM तक (कोई शुभ कार्य न करें)
यमगंड: दोपहर में (स्थान अनुसार चेक करें)
गुलिक काल: सुबह जल्दी
विशेष त्योहार / व्रत: रोहिणी व्रत
मातंगी जयंती
संकरषण चतुर्थी (कुछ परंपराओं में)
अक्षय तृतीया – सोना, चांदी, गेहूं आदि खरीदने और दान के लिए सर्वोत्तम दिन। आज किया गया पुण्य अक्षय (अविनाशी) फल देता है।
आज का दिन नई शुरुआत, विवाह, गृह प्रवेश और धार्मिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ है। राहुकाल और भद्रा (यदि हो) के समय महत्वपूर्ण काम टालें। पूजा, दान और सत्कर्म पर विशेष ध्यान दें।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।