ज्वालामुखी क्षेत्र के समीप स्थित बोहण गांव में रविवार को लक्ष्मी नारायण मंदिर में अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जयंती का पर्व बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर रहा।
इस अवसर पर प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सदस्य श्री सत्यपाल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की तथा आयोजन की सराहना की।
सुबह मंदिर में आचार्य परबल शास्त्री की अध्यक्षता में ब्राह्मणों द्वारा विधिवत हवन-पूजन का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर धर्म लाभ प्राप्त किया। पूरे अनुष्ठान ने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया।
दिनभर महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर श्रद्धा का सुंदर वातावरण बनाए रखा। श्रद्धालुओं ने भगवान लक्ष्मी-नारायण और भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में पारंपरिक कांगड़ी धाम परोसा गया, जिसका सभी ने भरपूर आनंद लिया।
यह धार्मिक आयोजन ब्राह्मण समाज और विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से संपन्न हुआ।
अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्त्व
अक्षय तृतीया सनातन परंपरा में अत्यंत शुभ तिथि मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता। बिना मुहूर्त के भी इस दिन विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
भगवान परशुराम जयंती का महत्त्व
परशुराम जयंती भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह दिन धर्म, साहस और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने दोनों पर्वों के धार्मिक व सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का संदेश दिया। समूचे आयोजन ने क्षेत्र में आस्था, एकता और सामाजिक समरसता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किया।
योग गुरु राम तीरथ शर्मा ने दी भगवान परशुराम जयंती की शुभकामनाएं
अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर प्रसिद्ध योग गुरु राम तीरथ शर्मा ने समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। अपने संदेश में योग गुरु राम तीरथ शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम शस्त्र और शास्त्र के अद्वितीय संगम तथा भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम अक्षय ऊर्जा के प्रतीक हैं, जिनका जीवन साहस, वीरता और ज्ञान का प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने आगे कहा कि भगवान परशुराम जी का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे और उनके आदर्श हमारे जीवन में साहस, पराक्रम और सद्बुद्धि का संचार करें। योग गुरु ने सभी से उनके दिखाए मार्ग पर चलने और धर्म व सत्य के मार्ग को अपनाने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी को सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।