न्यूज़ डेस्क, दिल्ली:भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो रात 10:31 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज का दिन विशेष रूप से धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि बुध प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का पावन संयोग बना हुआ है, जिसके चलते शिव भक्तों में खास उत्साह देखा जा रहा है। दिनभर पूर्वाभाद्रपदा और उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। वहीं दोपहर तक ब्रह्म योग का निर्माण होने से दिन को शुभता प्राप्त हो रही है, इसके बाद इंद्र योग आरंभ होगा।
पंचांग के मुख्य बिंदु:
वार: बुधवार
तिथि: कृष्ण त्रयोदशी (रात 10:31 बजे तक), इसके बाद चतुर्दशी
नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपदा (दोपहर 3:22 बजे तक), फिर उत्तराभाद्रपदा
योग: ब्रह्म योग (दोपहर 1:24 बजे तक), इसके बाद इंद्र योग
करण: गर (सुबह 11:27 बजे तक), फिर वणिज
सूर्य-चंद्र संबंधी जानकारी:
सूर्योदय: सुबह 5:56 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:46 बजे
चंद्रमा: कुंभ राशि में स्थित रहेगा
अशुभ मुहूर्त :
राहुकाल: दोपहर 12:21 बजे से 1:58 बजे तक
यमगंड: सुबह 7:32 बजे से 9:09 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 10:45 बजे से 12:21 बजे तक
इन समयों में नए कार्यों की शुरुआत, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।
शुभ मुहूर्त:
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:30 बजे से 5:20 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर में (स्थान अनुसार भिन्न हो सकता है)
आज का विशेष महत्व:
बुध प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि के संयोग के कारण आज का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। प्रदोष काल (सूर्यास्त से 24 मिनट पहले और बाद) में शिव पूजा, अभिषेक और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप विशेष पुण्य प्रदान करता है। व्रत रखने वाले श्रद्धालु शाम को पूजा-अर्चना के बाद व्रत का पारण करेंगे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज का दिन आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ और शिव भक्ति के लिए अत्यंत शुभ है। सभी पाठकों को इस पावन दिन की शुभकामनाएं।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।