भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार को वैशाख कृष्ण एकादशी तिथि है। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। 13 अप्रैल 2026, शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, एकादशी तिथि रात्रि 01 बजकर 08 मिनट (14 अप्रैल) तक उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ। राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक।
नक्षत्र - धनिष्ठा नक्षत्र
दोपहर लगभग 3:50 PM – 4:03 PM तक
इसके बाद शतभिषा नक्षत्र शुरू
🔯 योग
शुभ योग
⏰ शाम लगभग 5:16 PM – 5:17 PM तक
इसके बाद शुक्ल योग
⚡ करण
बव करण – दोपहर तक
बालव करण – उसके बाद रात तक
🌞 सूर्य व चंद्र समय (उत्तर भारत अनुमानित)
सूर्योदय: 6:01 AM – 6:11 AM
सूर्यास्त: 6:42 PM – 6:46 PM
चंद्रोदय: 3:15 AM – 3:17 AM
चंद्रास्त: 2:37 PM – 2:49 PM
🌙 चंद्र राशि:
मकर से कुंभ राशि में संक्रमण (दिन के दौरान)
⏳ शुभ-अशुभ मुहूर्त
🔴 राहुकाल: 7:45 AM – 9:19 AM (काम टालें)
⚫ यमगंड: 10:53 AM – 12:27 PM
⚪ गुलिक काल: 2:01 PM – 3:35 PM
शुभ- मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 12:02 PM – 12:52 PM (शुभ)
अमृत काल: 5:17 AM – 6:56 AM
ब्रह्म मुहूर्त: 4:35 AM – 5:23 AM
🎉 व्रत व त्योहार
वरुथिनी एकादशी – भगवान विष्णु की पूजा व व्रत के लिए अत्यंत शुभ दिन
सनातन धर्म में वैशाख कृष्ण पक्ष की एकादशी का विशेष महत्व है, जिसे 'वरुथिनी एकादशी' के नाम से जाना जाता है। इस पावन तिथि पर श्रीहरि के 'वराह' स्वरूप की उपासना करने का विधान है, जिससे जातक के संचित पापों का क्षय होता है। देखा जाए तो यह व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सुख-सौभाग्य में वृद्धि करने वाला एक आध्यात्मिक कवच है।
वल्लभाचार्य जयंती
आज का महत्व
यह दिन धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए बेहद शुभ माना गया है।
शुभ योग + एकादशी व्रत का संयोग होने से पूजा-पाठ, दान, जप और संकल्प कार्यों का विशेष फल मिलता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।