धर्मशाला | शनिवार, 11 अप्रैल 2026 - भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार वैशाख कृष्ण नवमी ,सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 11 अप्रैल 2026 , राहुकाल सुबह 09:00 से 10:30 बजे तक।शनिवार को बैशाख मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। यह तिथि पूरे दिन रहेगी और अगले दिन 12 अप्रैल की रात 12:37 बजे तक जारी रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
सूर्योदय सुबह 6:00 बजे और सूर्यास्त शाम 6:45 बजे होगा। नक्षत्र की बात करें तो उत्तराषाढ़ा नक्षत्र दोपहर 1:39 बजे तक रहेगा, इसके बाद श्रवण नक्षत्र शुरू हो जाएगा।
योग और करण की स्थिति के अनुसार, सिद्ध योग शाम 6:39 बजे तक रहेगा, जबकि तैतिल करण दोपहर 12:01 बजे तक प्रभावी रहेगा।
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:30 बजे से 5:15 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:30 बजे से 3:21 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:43 बजे से 7:06 बजे तक
अमृत काल: सुबह 6:40 बजे से 8:25 बजे तक
इसके अलावा, सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 1:39 बजे से 12 अप्रैल सुबह 5:59 बजे तक रहेगा, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
राहुकाल: सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 1:58 बजे से 3:33 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 6:00 बजे से 7:36 बजे तक
दुर्मुहूर्त:
सुबह 6:00 बजे से 6:51 बजे तक
सुबह 6:51 बजे से 7:42 बजे तक
आडल योग: सुबह 7:10 बजे से दोपहर 3:23 बजे तक
वर्ज्य समय: शाम 5:55 बजे से 7:37 बजे तक
कुल मिलाकर, 11 अप्रैल का दिन शुभ और अशुभ दोनों तरह के योगों से मिश्रित है। ऐसे में किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से पहले सही मुहूर्त का चयन करना लाभकारी रहेगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।