हिमंत बिस्वा सरमा असम के 15वें मुख्यमंत्री हैं। वे 10 मई 2021 से इस पद पर हैं और वर्तमान में असम विधानसभा चुनाव 2026 में जलुकबाड़ी सीट से BJP उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। उन्हें असम और पूर्वोत्तर भारत की राजनीति का एक शक्तिशाली और रणनीतिक नेता माना जाता है। युवाओं में वे लोकप्रिय रूप से "मामा" के नाम से जाने जाते हैं।
जन्म: 1 फरवरी 1969 (उम्र: 57 वर्ष), जोरहाट, असम
पिता: स्वर्गीय कैलाश नाथ सरमा (असमिया कवि और उपन्यासकार)
माता: मृणालिनी देवी (साहित्यिक कार्यकर्ता)
पत्नी: रिनिकी भुयान सरमा (पूर्व टेनिस खिलाड़ी, उद्यमी और मीडिया हाउस Pride East Entertainments की मालिक)
संतान: एक बेटा - नंदील बिस्वा सरमा, एक बेटी - सुकन्या सरमा
निवास: गुवाहाटी (परिवार बाद में उलुबाड़ी, गांधीबस्ती में शिफ्ट हुआ)
शिक्षासीनियर सेकेंडरी: कामरूप एकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल, गुवाहाटी (1985)
स्नातक (BA) और स्नातकोत्तर (MA) राजनीति विज्ञान: कॉटन कॉलेज (अब कॉटन यूनिवर्सिटी), गुवाहाटी (1990 और 1992)
LL.B.: गवर्नमेंट लॉ कॉलेज (BRM गवर्नमेंट लॉ कॉलेज), गुवाहाटी (1995)
Ph.D. राजनीति विज्ञान: गौहाटी यूनिवर्सिटी (2006)
छात्र जीवन में कॉटन कॉलेज स्टूडेंट्स यूनियन के जनरल सेक्रेटरी रहे (तीन बार)
राजनीति में आने से पहले उन्होंने 1996 से 2001 तक गौहाटी हाईकोर्ट में वकालत की।
राजनीतिक करियर शुरुआत: 2001 में कांग्रेस टिकट पर जलुकबाड़ी सीट से पहली बार विधायक चुने गए।
विधायक: लगातार 5 बार जलुकबाड़ी से जीते (2001, 2006, 2011 - कांग्रेस से; 2016, 2021 - BJP से)।
कांग्रेस में: स्वास्थ्य, वित्त, शिक्षा, कृषि, योजना एवं विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों में मंत्री रहे।
BJP में शामिल: 23 अगस्त 2015 को कांग्रेस छोड़कर BJP जॉइन की।
NEDA: नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (NEDA) के कन्वीनर बने और पूर्वोत्तर में BJP की विस्तार में अहम भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री: 2021 असम विधानसभा चुनाव में BJP+ गठबंधन की जीत के बाद सरबानंद सोनोवाल के बाद 15वें मुख्यमंत्री बने।
वे असम में घुसपैठ, बाढ़ नियंत्रण, विकास, अतिक्रमण हटाने और असमिया संस्कृति-भाषा के संरक्षण जैसे मुद्दों पर आक्रामक रुख रखते हैं। उनकी राजनीति को असमिया राष्ट्रवाद (जातीयतावाद) और हिंदुत्व के मिश्रण के रूप में देखा जाता है।वर्तमान स्थिति (अप्रैल 2026)असम विधानसभा चुनाव 2026 में BJP के चेहरे के रूप में सक्रिय।
जलुकबाड़ी सीट से नामांकन दाखिल किया।
प्री-पोल सर्वे में उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे पसंदीदा नेता माना जा रहा है।
संपत्ति: हालिया चुनावी हलफनामे के अनुसार परिवार की कुल संपत्ति लगभग 35 करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है (पिछले वर्षों में बढ़ोतरी देखी गई)।
हिमंत बिस्वा सरमा को प्रशासनिक कुशलता, रणनीतिक सोच और बड़े फैसले लेने की क्षमता के लिए जाना जाता है। समर्थक उन्हें विकास और सुरक्षा का प्रतीक मानते हैं, जबकि विपक्ष उन्हें विभाजनकारी राजनीति का आरोप लगाता है।असम चुनाव 2026 में आज (9 अप्रैल) मतदान हो रहा है और उनका भविष्य इस नतीजे पर काफी हद तक निर्भर करेगा।