भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
रविवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि से दिन की शुरुआत हो रही है, जो आगे चलकर चतुर्थी में परिवर्तित होगी। धार्मिक दृष्टि से यह दिन सामान्य से शुभ माना जा रहा है, हालांकि कुछ समय में सावधानी बरतना जरूरी रहेगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 5 अप्रैल 2026, सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, वसंत ऋतु। तृतीया तिथि दोपहर 11 बजकर 59 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ। राहुकाल सायं 4 बजकर 30 बजे से 06 बजे तक।
वार: रविवार
मास: वैशाख
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: तृतीया दोपहर 11:59 बजे तक, फिर चतुर्थी चतुर्थी
विशाखा नक्षत्र रात्रि 12 बजकर 08 मिनट (6 अप्रैल) तक उपरांत अनुराधा नक्षत्र का आरंभ।
वज्र योग दोपहर 02 बजकर 44 मिनट तक उपरांत सिद्धि योग का आरंभ।
विष्टि करण दोपहर 11 बजकर 59 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ।
चंद्रमा शाम 05 बजकर 28 मिनट तक तुला राशि पर उपरांत वृश्चिक राशि पर संचार करेगा।
🌅 ग्रह-नक्षत्र की स्थिति
आज चंद्रमा कन्या राशि में स्थित है, जिससे दिन व्यावहारिक कार्यों और योजना बनाने के लिए अनुकूल माना जा रहा है। हस्त और चित्रा नक्षत्र का प्रभाव रचनात्मक कार्यों में मदद करेगा।
आज के प्रमुख मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक
अमृत काल दोपहर 02 बजकर 24 मिनट से सायं 04 बजकर 10 मिनट तक
ब्रह्ममुहूर्त सुबह 4 बजकर 39 मिनट से 5 बजकर 23 मिनट तक
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: शाम 4:00 से 6:00 बजे तक
यमगंड: दोपहर 12:20 से 1:50 बजे तक
गुलिक काल: 3:33 से 5:07 बजे तक
🪔 धर्म और व्रत
रविवार होने के कारण आज सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व है। साथ ही चतुर्थी तिथि लगने पर भगवान गणेश की आराधना करना शुभ फलदायी माना गया है।
दिन का निष्कर्ष
आज का दिन मध्यम फलदायी रहेगा।
छोटे और नियमित कार्यों के लिए अनुकूल नई शुरुआत या बड़ा निवेश सोच-समझकर करें
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।