भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिंदू पंचांग के अनुसार 1 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई शुभ योगों का निर्माण कर रही है, जो नए कार्यों की शुरुआत, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल मानी जाती है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ समय और क्या कहते हैं आज के ग्रह-नक्षत्र।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 1 अप्रैल 2026 , चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज चतुर्दशी तिथि सुबह में 07 बजकर 06 मिनट तक रहेगी इसके बाद पूर्णिमा तिथि का आरंभ होगा।
आज का पंचांग (1 अप्रैल 2026, बुधवार)
तिथि: शुक्ल चतुर्दशी सुबह में 07 बजकर 06 मिनट तक रहेगी इसके बाद पूर्णिमा
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: चैत्र मास
वार: बुधवार
🌙 नक्षत्र, योग और करण
नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी
योग: धृति योग
करण: वणिज
⏰ सूर्योदय व सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 6:10 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 6:40 बजे (लगभग)
🕰️ शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त कोई नहीं
अमृत काल प्रातः 08:48 बजे से प्रातः 10:28 बजे तक
⚠️ अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12:25 से 1:59 बजे
यमगंड: सुबह 7:30 से 9:18 बजे
गुलिक काल: 10:52 से 12:25 बजे
🌟 आज का विशेष महत्व
आज का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी होने के कारण यह दिन आध्यात्मिक साधना और व्रत के लिए अनुकूल है।
💡 आज का उपाय
👉 शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करें तथा “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें, इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।