31 मार्च 2026 का पंचांग: त्रयोदशी सुबह तक, फिर चतुर्दशी शुरू
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 31 मार्च 2026 आज शुक्ल त्रयोदशी तिथि सुबह में 6 बजकर 55 मिनट तक इसके बाद चतुर्दशी तिथि
धर्मशाला/ उत्तर भारत के अनुसार
📅 पंचांग विवरण
तिथि: शुक्ल त्रयोदशी – सुबह 06:55 AM तक, इसके बाद शुक्ल चतुर्दशी
पक्ष: शुक्ल पक्ष
वार: मंगलवार
नक्षत्र: आश्लेषा – दोपहर 01:18 PM तक, फिर मघा
योग: धृति – रात्रि 09:05 PM तक
करण:
तैतिल – 06:55 AM तक
गर – इसके बाद
🌅 सूर्योदय व सूर्यास्त
सूर्योदय: 06:15 AM
सूर्यास्त: 06:39 PM
⏰ अशुभ समय
राहुकाल: 03:32 PM – 05:05 PM
गुलिक काल: 12:55 PM – 01:59 PM
यमगंड: 09:19 AM – 10:52 AM
✅ शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 12:03 PM – 12:52 PM
अमृत काल: 11:20 AM – 01:05 PM
🌙 चंद्रमा की स्थिति
राशि: कर्क राशि में, बाद में सिंह राशि में गोचर
📌 आज का विशेष महत्व
वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन (Financial Year Closing)
World Backup Day
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।