दुर्गाष्टमी पर ज्वालामुखी में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालु हुए नतमस्तक
दुर्गाष्टमी के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में आज आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में पहुंचकर दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचे, जिससे पूरा नगर जयकारों से गूंज उठा।
भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। श्रद्धालु बीती रात से ही दर्शन के लिए कतारों में डटे रहे और मंदिर के कपाट लगातार खुले रखे गए हैं। प्रशासन ने पहले ही निर्णय लिया था कि अष्टमी और नवमी के अवसर पर मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें।
मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्ति भाव से सराबोर नजर आया। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए माता की महिमा का गुणगान कर रहे हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। तड़के सुबह से ही बस अड्डे से मंदिर तक लंबी कतारें देखने को मिलीं और पूरा मार्ग श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा।
लंबे समय बाद नगर में इस तरह की रौनक लौटने से स्थानीय व्यापारियों के चेहरे खिल उठे हैं और उन्हें कारोबार बढ़ने की उम्मीद जगी है। हालांकि, भारी भीड़ और लंबी कतारों के कारण कुछ दुकानदारों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा, जिससे उनके काम पर असर पड़ा।
देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा किए। बुलंदशहर से आए सूरज कुमार ने बताया कि दुर्गाष्टमी पर माता के दर्शन कर उन्हें मानसिक शांति मिली। वहीं, पंजाब के मोगा के पास धर्मकोट से आए सतनाम सिंह ने कहा कि वह चार घंटे से लाइन में लगे हैं, लेकिन अभी तक दर्शन नहीं हो पाए। जालंधर से आई मनप्रीत कौर ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ लोग सिफारिश के जरिए आसानी से अंदर जा रहे हैं, जबकि आम श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, नगर में पेयजल की कमी और यातायात जाम की समस्या भी सामने आई। धर्मशाला और होशियारपुर मार्ग पर भारी जाम के कारण आवाजाही प्रभावित रही।
धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्र के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि माता महागौरी की आराधना से सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। उनके ध्यान और पूजन से जीवन में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।