भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। पंचांग के अनुसार गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा के लिए विशेष फलदायी होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज गुरुवार है। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 26 मार्च 2026 चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। अष्टमी प्रातः 11, 48 बजे तक , फिर नवमी, आज श्री राम नवमी' का पावन पर्व मनाया जाएगा।
📅 तिथि:
चैत्र मास, शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि (सुबह लगभग 11:48 बजे तक), इसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ
🌙 नक्षत्र:
मृगशिरा नक्षत्र (दोपहर बाद तक), फिर आर्द्रा नक्षत्र आरंभ
🕉️ योग:
सिद्धि योग (शुभ कार्यों के लिए अत्यंत उत्तम)
⏰ करण:
वणिज करण
🌅 सूर्योदय व सूर्यास्त:
सूर्योदय – सुबह 6:20 बजे
सूर्यास्त – शाम 6:34 बजे
🌙 चंद्रोदय:
दोपहर 12:10 बजे (लगभग)
📿 शुभ मुहूर्त:
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:05 बजे से 12:55 बजे तक
गुरुवार होने के कारण आज गुरु पूजा, व्रत, दान और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ दिन है।
⚠️ अशुभ समय:
राहुकाल – दोपहर 1:59 बजे से 3:31 बजे तक
यमगंड – सुबह 6:20 बजे से 7:50 बजे तक
🌟 आज का विशेष महत्व:
आज चैत्र नवरात्रि के दौरान अष्टमी तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन कन्या पूजन और दुर्गा पूजा का विशेष फल मिलता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।