धर्मशाला | 25 मार्च 2026 - भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। यह दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र और योग की जानकारी देता है, जिससे लोग अपने दैनिक कार्यों और धार्मिक अनुष्ठानों की योजना बनाते हैं। हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 25 मार्च 2026 चैत्र शुक्ल सप्तमी दोपहर 01:50 बजे तक रहेगी
📌 पंचांग विवरण:
तिथि: चैत्र शुक्ल सप्तमी दोपहर 01:50 बजे तक रहेगी तत्पश्चात अष्टमी
वार: बुधवार
नक्षत्र: रोहिणी (दोपहर 12:45 तक), इसके बाद मृगशिरा
योग: शोभन योग
करण: तैतिल, गर
चंद्र राशि: वृषभ
सूर्य राशि: मीन
🌅 शुभ मुहूर्त:
अभिजीत मुहूर्त: 12:05 PM – 12:53 PM
विजय मुहूर्त: 02:30 PM – 03:18 PM
अमृत काल: 10:15 AM – 11:50 AM
⚠️ अशुभ समय:
राहुकाल: 12:27 PM – 01:59 PM
यमगंड: 07:30 AM – 09:00 AM
गुलिक काल: 10:30 AM – 12:00 PM
🌄 सूर्योदय व सूर्यास्त:
सूर्योदय: 06:21 AM
सूर्यास्त: 06:34 PM
🧘♂️ धार्मिक महत्व:
आज शुक्ल पक्ष की षष्ठी और सप्तमी तिथि का संयोग बन रहा है, जो विशेष रूप से सूर्य उपासना और स्वास्थ्य संबंधी पूजा-पाठ के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य देने और व्रत-पूजन करने से आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
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