📰 आज का पंचांग 24 मार्च 2026: जानें शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र और राहुकाल
धर्मशाला, 24 मार्च 2026। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास, शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। चैत्र नवरात्रि का छठा दिन होने के कारण आज मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व है। ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक आज का दिन धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जा रहा है, हालांकि राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी गई है। हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 24 मार्च 2026, चैत्र शुक्ल षष्ठी तिथि शाम में 04 बजकर 07 मिनट बजे तक इसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होगा। राहुकाल सायं 03:31 बजे से सायं 05:03 बजे तक
📅 आज का पंचांग (24 मार्च 2026)
तिथि: शुक्ल षष्ठी सायं 04:07 बजे तक, तत्पश्चात सप्तमी
वार: मंगलवार
मास: चैत्र मास
पक्ष: शुक्ल पक्ष
नक्षत्र: मृगशिरा (सुबह तक), फिर आर्द्रा नक्षत्र
योग: शुभ योग
करण: कौलव, तैतिल
सूर्योदय: प्रातः 6:21 बजे (लगभग)
सूर्यास्त: सायं 6:34 बजे (लगभग)
⏰ शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 12:03 बजे से 12:53 बजे तक
अमृत काल: सुबह 7:45 बजे से 9:15 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:30 बजे से 3:20 बजे तक
⚠️ अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 3:31 बजे से 5:03 बजे तक
यमगंड काल: सुबह 9:24 बजे से 10:56 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:28 बजे से 1:59 बजे तक
🛕 आज का महत्व
चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि आज के दिन विधि-विधान से पूजा करने पर विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
✨ आज का संदेश
आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक है। संयम और सकारात्मक सोच के साथ दिन की शुरुआत करना लाभकारी रहेगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।