भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आज का पंचांग शुभ कार्यों के लिए अनुकूल संकेत दे रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज तिथि, नक्षत्र और योग का संयोग कई कार्यों के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार है। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 23 मार्च 2026 आज चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि हैं। नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है।
🗓️ आज का पंचांग (23 मार्च 2026)
वार: सोमवार
तिथि: शुक्ल पक्ष पंचमी सायं 06:38 बजे तक, तत्पश्चात षष्ठी
नक्षत्र: रोहिणी (प्रातः तक), इसके बाद मृगशिरा
योग: शुभ योग
करण: बव, बालव
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:52 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:25 बजे से 03:12 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:25 बजे से 06:48 बजे तक
⚠️ अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 07:53 बजे से 09:25 बजे तक
यमगंड काल: सुबह 10:56 बजे से 12:28 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 01:59 बजे से 03:31 बजे तक
🌅 सूर्योदय व सूर्यास्त
सूर्योदय: सुबह 06:23 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:34 बजे
🙏 आज का धार्मिक महत्व
चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता की पूजा को समर्पित है। इस दिन पूजा-अर्चना करने से सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।
📊 निष्कर्ष
23 मार्च 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से शुभ और फलदायी माना जा रहा है। उचित मुहूर्त में कार्य करने से सफलता मिलने के प्रबल योग हैं, जबकि राहुकाल में महत्वपूर्ण कार्यों से बचना चाहिए।
नवरात्रि विशेष – मां स्कंदमाता का महत्व
नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों को सुख-समृद्धि, संतान सुख और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।