नई दिल्ली : भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार, 22 मार्च 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार आज चतुर्थी तिथि के उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ होगा, जबकि रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव दिनभर बना रहेगा।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार नवरात्रि का चौथा दिन है। शक संवत 1948 , विक्रमी संवत 2083, 22 मार्च 2026 आज शुक्ल चतुर्थी तिथि रात में 09 बजकर 16 मिनट तक इसके बाद पंचमी तिथि का आरंभ होगा। राहुकाल सायं 05:02 बजे से सायं 06:33 बजे तक।आज का दिन पूजा-पाठ, व्रत और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जा रहा है, विशेष रूप से मां कूष्मांडा की आराधना के लिए।
🔴 पंचांग के मुख्य बिंदु
तिथि: चतुर्थी – रात्रि 09:16 बजे तक, तत्पश्चात पंचमी
वार: रविवार
नक्षत्र: रोहिणी
सूर्योदय: 06:23 बजे
सूर्यास्त: 06:33 बजे
🕰️ शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 12:05 बजे से 12:53 बजे तक
विजय मुहूर्त: 02:20 बजे से 03:10 बजे तक
अमृत काल सायं 06:17 बजे से सायं 07:46 बजे तक
⚠️ अशुभ समय
राहुकाल: 05:30 बजे से सायं 06:33 बजे तक
यमगंड काल: 12:28 बजे से 01:59 बजे तक
गुलिक काल: 03:31 बजे से सायं 05:02 बजे तक
🌺 धार्मिक महत्व
चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
✨ निष्कर्ष
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 22 मार्च का दिन श्रद्धा, संयम और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल है। सही मुहूर्त का ध्यान रखते हुए किए गए कार्य सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।