Eid-ul-Fitr 2026: देशभर में उल्लास, मस्जिदों में उमड़ी भीड़
Ramadan के पवित्र महीने के समापन के बाद आज पूरे भारत में Eid-ul-Fitr बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाई गई। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां उन्होंने विशेष नमाज़ अदा कर देश और दुनिया में शांति व तरक्की की दुआ मांगी।
नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग में उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने जरूरतमंदों को जकात-उल-फितर देकर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। यह परंपरा समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत करती है।
घर-घर में तरह-तरह के पकवान बनाए गए, जिनमें खास तौर पर Sheer Khurma और Seviyan शामिल रहे। लोगों ने अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को दावत दी और खुशियां साझा कीं।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
Eid-ul-Fitr का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश भी देता है।
Eid-ul-Fitr इस्लाम धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो पवित्र महीने Ramadan के खत्म होने पर मनाया जाता है। ईद-उल-फितर की तारीख चांद दिखने पर तय होती है, इसलिए हर साल यह अलग-अलग दिन पड़ती है। यह दिन रोज़ों (fasting) के समापन की खुशी और अल्लाह का शुक्र अदा करने का प्रतीक होता है। पूरे महीने रोज़ा रखने के बाद, मुसलमान इस दिन अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं। यह आत्म-संयम, दया और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है।
🕌 कैसे मनाई जाती है?
सुबह खास नमाज़ (Eid prayer) मस्जिद या ईदगाह में अदा की जाती है
नमाज़ से पहले जकात-उल-फितर (दान) देना जरूरी होता है
लोग नए कपड़े पहनते हैं और एक-दूसरे को गले मिलते हैं
परिवार और दोस्तों के साथ खुशियां बांटी जाती हैं
खास पकवान
इस दिन घरों में मीठे व्यंजन बनाए जाते हैं, खासकर:
Sheer Khurma
Seviyan
ईद का संदेश
Eid-ul-Fitr हमें सिखाती है:
प्रेम और भाईचारा
दान और जरूरतमंदों की मदद
शांति और एकता
राष्ट्रपति ने ईद-उल-फितर की पूर्व संध्या पर शुभकामनाएं दी
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ईद-उल-फितर की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं भेजी हैं।
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, "ईद-उल-फितर के शुभ अवसर पर, मैं सभी देशवासियों को, विशेष रूप से भारत और विदेशों में रहने वाले मुस्लिम भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देती हूं।
रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति के बाद मनाया जाने वाला यह त्योहार, आत्म-संयम, दान और वंचितों के प्रति करुणा का संदेश देता है। यह प्रेम, भाईचारे, शांति और आपसी सौहार्द का संदेश भी देता है।
यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि हमें सभी व्यक्तियों के कल्याण के लिए प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर, आइए हम जरूरतमंदों की सहायता करने, समाज में एकता और सौहार्द को बढ़ावा देने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का संकल्प लें।"