भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, 15 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण पक्ष की पापमोचनी एकादशी मनाई जा रही है। और 'मीन संक्रांति' का विशेष संयोग है। राहुकाल सायं 05:00 बजे से सायं 06:29 बजे तक । हिंदू पंचांग के अनुसार यह दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। आज Papmochani Ekadashi का व्रत रखा जाएगा। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
पंचांग के मुताबिक आज फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि रहेगी। आज का नक्षत्र श्रवण रहेगा, जिसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का प्रारंभ होगा।सूर्योदय प्रातः लगभग 6:37 बजे और सूर्यास्त सायं लगभग 6:29 बजे होगा। आज का राहुकाल सायं 4:30 बजे से 6:00 बजे तक रहेगा, जबकि यमगंड काल दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक रहेगा।
पंचांग विवरण
तिथि: कृष्ण पक्ष एकादशी (रात तक)
वार: रविवार
मास: फाल्गुन मास
पक्ष: कृष्ण पक्ष
नक्षत्र: श्रवण (लगभग सुबह तक), इसके बाद धनिष्ठा
योग: परिघ योग
करण: बालव, फिर कौलव
सूर्योदय व सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः 6:37 बजे
सूर्यास्त: सायं 6:29 बजे
शुभ व अशुभ समय
राहुकाल सायं 05:00 बजे से सायं 06:29 बजे तक
यमगंड काल: दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक
📿 धार्मिक महत्व:
फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष एकादशी को विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा और उपवास करने का महत्व बताया गया है। भक्त इस दिन व्रत रखकर विष्णु सहस्रनाम और गीता पाठ करते हैं। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और दान-पुण्य करने से विशेष फल प्राप्त होता है। इस दिन मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है और भक्त विष्णु सहस्रनाम तथा गीता पाठ करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी का व्रत रखने से मन की शुद्धि होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।