भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। पंचांग के आधार पर ही शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र और योग का निर्धारण किया जाता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, आज शुक्रवार, 13 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण दशमी तिथि है। राहुकाल प्रातः 11:01 बजे से प्रातः 12:31 बजे तक ,सुबह राहुकाल के समय सावधानी बरतें। 13 मार्च 2026 शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए विशेष शुभ माना गया है।
तिथि: कृष्ण दशमी – पूर्ण रात्रि
वार: शुक्रवार
योग व्यतिपात – प्रातः 10:32 बजे तक
करण वणिज – सायं 07:23 बजे तक
करण विष्टि – पूर्ण रात्रि
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र: रात्रि 03:03 बजे तक (14 मार्च)
नक्षत्र स्वामी: शुक्रदेव
सूर्योदय: प्रातः 06:33 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:41 बजे
राहुकाल: प्रातः प्रातः 11:01 बजे से प्रातः 12:31 बजे तक
गुलिकाल प्रातः 08:03 बजे से प्रातः 09:32 बजे तक
यमगण्ड दोपहर 03:29 बजे से सांय 04:59 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:07 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक
अमृत काल रात्रि 09:47 बजे से रात्रि 11:32 बजे तक
शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा, कन्याओं को भोजन करवाना तथा जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र या चावल दान करना शुभ माना जाता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।