आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 12 मार्च 2026 का पंचांग
धर्म-ज्योतिष डेस्क:
आज का पंचांग — 12 मार्च 2026
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
आज गुरुवार, 12 मार्च 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2083, हिंदू पंचांग के अनुसार आज कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। कृष्ण नवमी प्रातः 06:28 बजे तक (13 मार्च), फिर दशमी राहुकाल । दोपहर 02:00 बजे से दोपहर 03:29 बजे तक
आज का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है, जो कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
तिथि
कृष्ण पक्ष नवमी तिथि – प्रातः 4:19 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन 13 मार्च प्रातः 6:29 बजे तक रहेगी।
नक्षत्र
आज मूल नक्षत्र रहेगा, जो रात लगभग 12:43 बजे तक रहेगा। इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आरंभ होगा।
योग
आज सिद्धि योग सुबह लगभग 9:58 बजे तक रहेगा, जिसके बाद व्यातीपात योग प्रारंभ हो जाएगा।
करण
तैतिल करण शाम 5:27 बजे तक रहेगा, इसके बाद गर करण शुरू होगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
आज सूर्योदय सुबह 6:42 बजे और सूर्यास्त शाम 6:30 बजे होगा।
चंद्रमा की स्थिति
चंद्रमा आज धनु राशि में स्थित रहेगा, जिससे कई राशियों पर इसका विशेष प्रभाव पड़ सकता है।
राहुकाल
गुरुवार का राहुकाल दोपहर 2:05 बजे से 3:33 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।
ऋतु और संवत
वर्तमान में वसंत ऋतु चल रही है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा, पीले वस्त्र धारण करना और गरीबों को दान देना विशेष पुण्यदायी माना जाता है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।