10 मार्च 2026 का पंचांग: आज कृष्ण पक्ष की सप्तमी, जानिए शुभ-अशुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
धर्म डेस्क: भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिंदू पंचांग के अनुसार 10 मार्च 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज के दिन पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक कार्य करना शुभ माना गया है। कई स्थानों पर इस दिन शीतला माता की पूजा भी की जाती है।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, 10 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण सप्तमी पर 'शीतला सप्तमी' का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। राहुकाल ,दोपहर 03:29 बजे से सांय 04:58 बजे तक पंचांग के अनुसार आज अनुराधा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो शाम तक रहेगा और इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र प्रारंभ होगा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा, जिसका प्रभाव कई राशियों के निर्णय और कार्यों पर पड़ सकता है।
आज का पंचांग
तिथि: चैत्र कृष्ण सप्तमी
वार: मंगलवार
नक्षत्र: अनुराधा (शाम तक), इसके बाद ज्येष्ठा
पक्ष: कृष्ण पक्ष
चंद्र राशि: वृश्चिक
विक्रम संवत: 2083
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: प्रातः लगभग 6:44 बजे
सूर्यास्त: शाम लगभग 6:30 बजे
आज के प्रमुख मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:45 बजे से 5:30 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:10 बजे से 12:55 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार राहुकाल के दौरान किसी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। वहीं अभिजीत मुहूर्त को दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, जिसमें नए कार्य, पूजा या महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
शीतला सप्तमी
सप्तमी तिथि प्रारंभ: 09 मार्च, 2026 को रात 11:27 बजे
सप्तमी तिथि समाप्त: 10 मार्च, 2026 को रात 01:54 बजे
10 मार्च को कई क्षेत्रों में शीतला सप्तमी का पर्व भी मनाया जाता है। इस दिन शीतला माता की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की जाती है। मान्यता है कि माता शीतला की पूजा करने से रोगों से रक्षा होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत-पूजा करने और जरूरतमंदों को दान देने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को देखते हुए आज का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल माना जा रहा है।