धर्मशाला | पंचांग डेस्क
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल। हिन्दू पंचांग के अनुसार शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082 , गुरूवार, 5 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण द्वितीया तिथि है। आज राहुकाल का समय दोपहर में 2 बजे से दोपहर में 03 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।
🌙 पंचांग की मुख्य जानकारी
📌 तिथि:
• कृष्ण पक्ष द्वितीया — सुबह से ~ सायं 05:03 बजे तक, त्रितीया — शाम से आगे (लगभग अगले दिन तक)
📌 नक्षत्र:
• उत्तर फाल्गुनी सुबह तक
• हस्त नक्षत्र शाम तक जारी
📌 राशि (चंद्र):
• चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा (सभी भागों में लगभग समान)
📌 योग और करण:
• योग: शूल तथा तत्पश्चात गंडा योग
• करण: तैतिल, गरजा और वणिजा क्रमशः
🔆 शुभ और अशुभ समय
🕐 शुभ मुहूर्त:
• अभिजित मुहूर्त: लगभग 12:00 PM – 12:45 PM
• अमृत काल: मध्यरात्रि के बाद मध्यरात्रि तक कुछ समय तक शुभ माना जाता है
⛔ अशुभ काल:
• राहुकाल: करीब 1:50 PM – 3:20 PM
• यमगण्ड तथा गुलिक काल: सुबह में अलग-अलग समय पर
• दुर्मुहूर्त: दो अलग समयावधि में अशुभ
🌅 दिन की विशेष बातें
• आज का दिन धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ के लिए मध्यम रूप से अनुकूल है, विशेषकर अभिजित मुहूर्त का समय शुभ माना जाता है।
• राहुकाल एवं अन्य अशुभ समय में नए कार्य या महत्वपूर्ण निर्णय से बचना चाहिए।
• चंद्रमा की राशि कन्या होने से शिक्षा, नौकरी और परिवार से जुड़े कार्यों में संतुलन और धैर्य आवश्यक है।
🔹 यह पंचांग सूचनात्मक है और समय क्षेत्र (जैसे धर्मशाला, उत्तर भारत) के अनुसार सामान्य समयों का संकेत देता है। व्यक्तिगत शुभ समय हेतु अपने ज्योतिषाचार्य से सलाह लें।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।
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