आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 1 मार्च का पंचांग
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, 1 मार्च फाल्गुन मास की शुक्ल त्रयोदशी तिथि है त्रयोदशी शाम 7 बजकर 09 मिनट तक रहेगी और उसके बाद चतुर्दशी शुरू हो जाएगी। आज चंद्रदेव पुष्य नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। राहुकाल शाम 4 बजकर 55 मिनट से लेकर 6 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। आज 'रवि प्रदोष व्रत' का पावन अवसर है, जो आरोग्यता और लंबी आयु की प्राप्ति के लिए उत्तम माना जाता है।
सूर्योदय सुबह 6 बजकर 47 मिनट पर
सूर्यास्त शाम 6 बजकर 22 मिनट पर
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:10 बजे से दोपहर 12:57 बजे तक
अमृत काल प्रातः 06:18 बजे से प्रातः 07:51 बजे (2 मार्च) तक
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सायं 04:54 बजे से सायं 06:21 बजे तक
गुलिकाल दोपहर 03:27 बजे से सायं 04:54 बजे तक
यमगण्ड दोपहर 12:34 बजे से 02:00 बजे तक
रवि प्रदोष व्रत 2026
प्रदोष व्रत प्रत्येक मास की दोनों त्रयोदशी तिथियों को किया जाता है। जब त्रयोदशी तिथि सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में पड़ती है, तब भगवान शिव की पूजा अत्यंत शुभ होती है। रविवार को होने के कारण इसे रवि प्रदोष कहते हैं, जो पितृ दोष से मुक्ति के लिए महत्वपूर्ण है। सूर्य देव द्वारा शासित होने के कारण यह व्रत कुंडली में सूर्य संबंधी समस्याओं को दूर कर लंबी आयु और आरोग्य प्रदान करता है। इससे भक्तों को पारिवारिक सुख और सामाजिक प्रतिष्ठा मिलती है। यह आत्मविश्वास बढ़ाने में भी सहायक है।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।