भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। आज तृतीया तिथि दोपहर में 02 बजकर 38 मिनट तक रहेगी। वहीं, आज राहुकाल सुबह 11 बजकर 10 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 तक रहेगा। आज चंद्रदेव उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। उत्तरभाद्रपद नक्षत्र: सायं 08:07 बजे तक
सूर्योदय का समय: प्रातः 06:55 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:15 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 बजे से दोपहर 12:58 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 03:28 बजे से सायं 05:01 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: प्रातः 11:10 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 08:20 बजे से प्रातः 09:45 बजे तक
यमगण्ड: सायं 03:25 बजे से सायं 04:50 बजे तक
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
शुक्रवार धन की देवी माता लक्ष्मी और सुख-समृद्धि के देवता शुक्र ग्रह को समर्पित होता है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा, सफेद या गुलाबी कपड़े पहनना, और जरूरतमंदों को दान (अन्न-वस्त्र) करना अत्यंत शुभ माना जाता है। घर को साफ रखकर पूजा करने से सौभाग्य, धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
शुक्रवार के विशेष उपाय और मान्यताएं:
लक्ष्मी पूजा: माता लक्ष्मी की विशेष पूजा करें, उन्हें इत्र या सुगंधित पदार्थ अर्पित करें।
दांन: जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े या सफेद वस्तुओं का दान करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है।
रंग: माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए गुलाबी या सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ है।
उपाय: शुक्रवार के दिन चींटी, गाय, पक्षी, मछली के लिए भोजन-पानी का प्रबंध करना चाहिए।
मंत्र: 'ऊँ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:' का जाप करें।
शुक्रवार का दिन मानसिक प्रसन्नता और सुख-सुविधाएं प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।