भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
📅 आज का पंचांग — 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार)
🌙 तिथि (Tithi)
फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष की एकादशी (Vijaya Ekadashi)
तिथि प्रारंभ: 12 फरवरी 2026 दोपहर 12:22 बजे से
तिथि समाप्त: 13 फरवरी 2026 दोपहर 2:25/2:26 बजे तक
☀️ सूर्योदय–सूर्यास्त (Approx. IST)
सूर्योदय: लगभग 07:04 AM
सूर्यास्त: लगभग 06:17 PM
(सूर्योदय–सूर्यास्त समय आपके शहर के अनुसार घट-बढ़ सकता है; ऊपर का समय Ujjain, India के लिए है)
🌔 नक्षत्र (Nakshatra)
मूल (Moola) नक्षत्र: तिथि के अधिकांश भाग में
इसके बाद पूर्वाषाढा (Purvashada)
🪔 योग (Yoga) और करण (Karana)
योग और करण स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ/परिवर्तनीय होते हैं — आम तौर पर ब्राह्म, सिद्धि आदि योग बन सकते हैं (स्थानीय पंचांग अनुसार)
📿 राहु काल, यमगंड, गुलिक काल (Avoid Times)
राहु काल: लगभग 10:30 AM – 12:00 PM
यमगंड: लगभग 03:00 PM – 04:30 PM
गुलिक काल: लगभग 07:30 AM – 09:00 AM
⏱ शुभ मुहूर्त (Good Muhurat)
अभिजीत मुहूर्त: लगभग 11:51 AM – 12:39 PM (शुभ कार्य के लिए समय)
📖 एकादशी व्रत (Vijaya Ekadashi Vrat)
Ekadashi तिथि: फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी
व्रत अवधि: सूर्योदय से तिथि समाप्ति तक (दिनभर)
पारण (Fast breaking) समय: अगले दिन 14 फरवरी 2026 सुबह लगभग 07:00 – 09:14 AM सराहनीय समय माना जाता है।
🪔 धार्मिक महत्त्व
विजया एकादशी को विशेष विजय (यात्रा, समाधान, सफलता, शत्रु पर विजय) के लिए अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और कथा श्रवण से पुण्य प्राप्त होता है।
🗂 सारांश (Summary for Website)
दिन: शुक्रवार, 13 फरवरी 2026
तिथि: फाल्गुन कृष्ण पक्ष – एकादशी (विजया एकादशी)
सूर्योदय: ~07:04 AM सूर्यास्त: ~06:17 PM
नक्षत्र: मूल (मूल)
राहु काल: 10:30 AM – 12:00 PM
शुभ मुहूर्त (Abhijit): 11:51 AM – 12:39 PM
व्रत पारण: 14 फरवरी 07:00 – 09:14 AM (approx.)
धार्मिक महत्त्व: विजय, सफलता, शत्रु पर विजय के लिए श्रेष्ठ व्रत
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।