आज का पंचांग: 11 फरवरी 2026, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और तिथि
नई दिल्ली। भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिंदू पंचांग के अनुसार आज 11 फरवरी 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज के दिन पूजा-पाठ, व्रत और शुभ कार्य करने से पहले पंचांग देखना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग।
आज की तिथि और वार
तिथि: कृष्ण पक्ष नवमी
वार: बुधवार
विक्रम संवत: 2082
शक संवत: 1947
मास: फाल्गुन
पक्ष: कृष्ण
नक्षत्र और योग
नक्षत्र: ज्येष्ठा
योग: व्याघात
करण: तैतिल, गर
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: सुबह 6:58 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:06 बजे
चंद्र स्थिति
चंद्र राशि: वृश्चिक
सूर्य राशि: मकर
आज का राहुकाल
राहुकाल: दोपहर 12:32 बजे से 1:55 बजे तक
(इस दौरान शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।)
अभिजीत मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: 12:14 बजे से 12:58 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:21 बजे से 6:10 बजे तक
आज का विशेष महत्व
बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित होता है। आज के दिन हरी मूंग, दूर्वा, गणपति पूजन और हरे वस्त्र धारण करना शुभ फलदायी माना जाता है। व्यापार और शिक्षा से जुड़े कार्यों के लिए आज का दिन विशेष रूप से अच्छा है।
आज के लिए शुभ सुझाव
गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें
हरे रंग का दान करें
नए काम की शुरुआत अभिजीत मुहूर्त में करें
राहुकाल में कोई शुभ कार्य न करें
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।
डिस्क्लेमर: यह पंचांग सामान्य धार्मिक गणनाओं पर आधारित है। स्थान और पंचांग पद्धति के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है।