Hindi English Friday, 16 October 2026
BREAKING
• सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का स्पीति दौरा जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब • नए जिलों के गठन पर सुधीर शर्मा का तंज, बोले— ‘घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने’ • जनसुविधा के लिए हर बुधवार हरिपुर में लगेगा एसडीएम देहरा का कैंप कार्यालय • ज्वालामुखी कॉलेज को मिली तीन नई सुविधाएं, विधायक संजय रतन ने किया लोकार्पण • मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. ओमेश भारती की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित • सिहोरपाईं स्कूल में NSS शिविर के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, स्वयंसेवकों ने दिखाई प्रतिभा • अशोक सिंघल का जीवन भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण की प्रेरणाः राज्यपाल • आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 16 अक्टूबर 2026 का पंचांग • आज ही के दिन दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरोध और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले डेसमंड टूटू को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई। • 16 अक्टूबर 2026 राशिफल: जानें सभी 12 राशियों का भविष्य

राष्ट्रीय

More News

उदयपुर | सहकार से समृद्धि” के विज़न के तहत उदयपुर में राष्ट्रीय-स्तरीय कार्यशाला में सहकारिता सुधारों की समीक्षा

Updated on Sunday, January 11, 2026 04:54 AM IST

“सहकार से समृद्धि” के विज़न के तहत उदयपुर में राष्ट्रीय-स्तरीय कार्यशाला में सहकारिता सुधारों की समीक्षा

पैक्स, सहकारी बैंकिंग और डिजिटल पहलों को सुदृढ़ करने पर केंद्र-राज्यों के बीच विचार-विमर्श

राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस, एमएससीएस सुधारों और भविष्य-तैयार, समावेशी सहकारिताओं पर विशेष फोकस

पैक्स सशक्तिकरण, अनाज भंडारण और सहकारी नवाचार पर राज्यों ने साझा कीं सर्वश्रेष्ठ कार्यपद्धतियाँ

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सहकारी संस्थाओं को समावेशी विकास, ग्रामीण समृद्धि तथा जमीनी स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण का प्रमुख माध्यम बनाने के उनके आह्वान “सहकार से समृद्धि” के मार्गदर्शन में, 8–9 जनवरी 2026 को राजस्थान के उदयपुर में सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने पर राष्ट्रीय-स्तरीय कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के गतिशील नेतृत्व में, सहकारिता मंत्रालय इस विज़न को साकार करने हेतु सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और उनकी आर्थिक भागीदारी का विस्तार करने के लिए व्यापक सुधारों को अमल में ला रहा है।

भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में सहकारी समितयों के सचिवों तथ रजिस्ट्रार समेत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और सहकारिता क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्घाटन सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी द्वारा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया गया। राजस्थान सरकार की सहकारिता सचिव श्रीमती आनंदी ने अपने संबोधन में सम्मेलन के प्रतिनिधियों का राजस्थान पधारने पर स्वागत किया।

अपने मुख्य भाषण में सहकारिता मंत्रालय के सचिव ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य केंद्र और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय को और मजबूत करना, विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना तथा सहकारिता क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए नवाचारी दृष्टिकोण अपनाना है। उन्होंने उल्लेख किया कि सहकारी संस्थाएं कई वर्षों तक हाशिए पर रहीं और इन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए जन-धारणा को पुनः आकार देने तथा पारंपरिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से सकारात्मक सफलता की कहानियों को उजागर करने की आवश्यकता है। बनासकांठा डेयरी का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक सूखा-प्रभावित ज़िले ने सशक्त और एकीकृत वैल्यू-चेन के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 90 लाख लीटर दूध उत्पादन हासिल किया, जो सहकारी संस्थाओं की परिवर्तनकारी क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने सहकारी बैंकों के द्वि-नियमन से जुड़े मुद्दों के समाधान, बोर्ड चुनाव प्रक्रियाओं में सुधार, जमीनी हकीकत को समझने के लिए फील्ड विज़िट तथा सहमति-आधारित निर्णय-संस्कृति को बढ़ावा देने जैसे प्रमुख सुधार क्षेत्रों पर बल दिया। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी सहकारी बैंकों के लिए नियमों को सरल बनाने और प्रशासनिक कमियों को दूर करने हेतु आरबीआई एवं वित्त मंत्रालय के साथ मंत्रालय के सतत संवाद को भी रेखांकित किया।

डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए उठाए गए प्रमुख कदमों पर प्रकाश डाला, जिनमें स्वयं सहायता समूहों का सहकारी संस्थाओं के साथ एकीकरण, कम लागत वाले चालू खाता और बचत खाता (CASA) फंड बढ़ाने के लिए सहकारी संस्थानों को केवल सहकारी बैंकों में खाते खोलने का प्रावधान, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए विशेष समर्थन तथा प्रस्तावित सहकारी विश्वविद्यालय और मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से क्षमता निर्माण शामिल हैं। उन्होंने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और वैल्यू-चेन विकास जैसी पहलों के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र के आर्थिक योगदान को तीन गुना करने के विज़न को दोहराया।

एक समर्पित समीक्षा सत्र में सहकारिता मंत्रालय की प्रमुख पहलों की प्रगति की समीक्षा की गई, जिनमें प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स), कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों (RDB) तथा सहकारी समितियों के पंजीयक कार्यालयों का कंप्यूटरीकरण, तथा मॉडल पैक्स (MPACS), बहुउद्देशीय डेयरी सहकारी समिति (MDCS) और बहुउद्देशीय मत्स्य सहकारी समिति (MFCS) जैसी योजनाओं का कार्यान्वयन शामिल है। चर्चाओं में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण पहल तथा पैक्स द्वारा प्रदान की जा रही अतिरिक्त सेवाओं—जैसे कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (PMKSK) और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र—के विस्तार पर भी विचार-विमर्श हुआ। सहकारी बैंकिंग सुधारों और राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक लिमिटेड, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड तथा भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड जैसी डिजिटल पहलों के साथ-साथ श्वेत क्रांति 2.0 के संवर्धन पर भी चर्चा की गई।

कार्यशाला का एक अन्य प्रमुख फोकस राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस को सुदृढ़ करने और बहु-राज्य सहकारी समितियों में सुधारों को आगे बढ़ाने पर रहा। राज्यों ने एपीआई (API) एकीकरण, सकल मूल्य वर्धन के आकलन हेतु वार्षिक टर्नओवर और लाभ-हानि डेटा के अद्यतन, जीईएम (GeM) पर सहकारी संस्थाओं के ऑनबोर्डिंग, परिसमापन प्रक्रियाओं में तेजी और सहकारी संस्थाओं के लिए शासन एवं ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को मजबूत करने से जुड़े अनुभव साझा किए। कार्यशाला में सशक्त नेतृत्व, सुशासन और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय, राष्‍ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (NCCT) और वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (VAMNICOM) जैसे संस्थानों के माध्यम से क्षमता निर्माण पर बल देते हुए भविष्य-तैयार सहकारिताओं के निर्माण पर भी जोर दिया गया, साथ ही महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए अवसरों के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया।

सहकारिता क्षेत्र को सुदृढ़ करने पर आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय-स्तरीय कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक की कड़ी में, दूसरे दिन “सहकार से समृद्धि – पैक्स आगे” शीर्षक से एक समर्पित सत्र आयोजित किया गया, जिसमें लक्ष आधारित पहलों के माध्यम से प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को सशक्त बनाने पर फोकस किया गया। विचार-विमर्श के दौरान प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के पुनरुद्धार में सहकारी बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया, जिसमें राज्यों ने अपने अनुभव और सर्वोत्तम कार्यपद्धतियाँ साझा कीं। प्रमुख चर्चाओं में तमिलनाडु द्वारा प्रस्तुत कैशलेस पैक्स और प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) का

Have something to say? Post your comment
आज ही के दिन दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरोध और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले डेसमंड टूटू को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई।

आज का इतिहास : आज ही के दिन दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरोध और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले डेसमंड टूटू को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा हुई।

 फिल्म ‘नय्यी नवेली’ की रिलीज से पहले यामी गौतम ने हनुमानगढ़ी में टेका माथा

अयोध्या : फिल्म ‘नय्यी नवेली’ की रिलीज से पहले यामी गौतम ने हनुमानगढ़ी में टेका माथा

नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा को पूर्वावलोकन समारोह का आयोजन

नई दिल्ली : नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा को पूर्वावलोकन समारोह का आयोजन

 आज ही के दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात वैज्ञानिक और मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ था।

आज का इतिहास : आज ही के दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात वैज्ञानिक और मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ था।

आज ही के दिन  लाहौर में पंजाब विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, बंटवारे के बाद इसके दो हिस्से कर दिए गए थे और भारत के विश्वविद्यालय को शुरू में ‘पूर्वी पंजाब विश्वविद्यालय’ (ईपीयू) कहा जाता था, जो शिमला में स्थित था

आज का इतिहास : आज ही के दिन लाहौर में पंजाब विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, बंटवारे के बाद इसके दो हिस्से कर दिए गए थे और भारत के विश्वविद्यालय को शुरू में ‘पूर्वी पंजाब विश्वविद्यालय’ (ईपीयू) कहा जाता था, जो शिमला में स्थित था

राहुल गांधी के पास आरोपों का शोर है, लेकिन सबूतों के नाम पर शून्य बटे सन्नाटा: अनुराग सिंह ठाकुर

नई दिल्ली : राहुल गांधी के पास आरोपों का शोर है, लेकिन सबूतों के नाम पर शून्य बटे सन्नाटा: अनुराग सिंह ठाकुर

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के केलांग में आईसीएमआर के उच्च पर्वतीय आयुर्विज्ञान एवं जन स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखी

केलांग : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के केलांग में आईसीएमआर के उच्च पर्वतीय आयुर्विज्ञान एवं जन स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखी

 आज ही के दिन हिंदी सिनेमा के महान गायक, अभिनेता और संगीतकार किशोर कुमार का निधन हुआ, उनकी सदाबहार आवाज आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसी है।

आज का इतिहास : आज ही के दिन हिंदी सिनेमा के महान गायक, अभिनेता और संगीतकार किशोर कुमार का निधन हुआ, उनकी सदाबहार आवाज आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में बसी है।

बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की कथित हमले में मौत

जयपुर : बयाना के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की कथित हमले में मौत

आज ही के दिन इंडोनेशिया के बाली में सिलसिलेवार बम धमाकों ने दुनिया को झकझोर दिया। इन हमलों में 202 लोगों की मौत हुई

आज का इतिहास : आज ही के दिन इंडोनेशिया के बाली में सिलसिलेवार बम धमाकों ने दुनिया को झकझोर दिया। इन हमलों में 202 लोगों की मौत हुई

X