भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, माघ कृष्ण, तृतीया, सौर पौष मास प्रविष्टे 23, रज्जब 16, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 06 जनवरी 2026 ई.। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतुः। राहुकाल दोपहर 03 बजे से सायं 06 बजे तक। तृतीया तिथि प्रातः 08 बजकर 02 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ।
आश्लेषा नक्षत्र मध्याह्न 12 बजकर 18 मिनट तक उपरांत मघा नक्षत्र का आरंभ। प्रीति योग रात्रि 08 बजकर 21 मिनट तक उपरांत आयुष्मान योग का आरंभ। वणिज करण प्रातः 08 बकर 02 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चन्द्रमा मध्याह्न 12 बजकर 18 मिनट तक कर्क उपरांत सिंह पर संचार करेगा। बुध गोचर आज पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में।
आज के व्रत त्योहार, अंगारकी संकट हारिणी गणेश चतुर्थी व्रत, चंद्रोदय रात्रि 09 बजे।
सूर्योदय का समय- 7 बजकर 14 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय- शाम में 5 बजकर 39 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 21 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 11 मिनट से 2 बजकर 53 मिनट मिनट तक। निशिथ काल दोपहर में 12 बजे से 12 बजकर 54 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 36 मिनट से 6 बजकर 4 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 11 बजकर 8 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 9 बजकर 20 मिनट से 10 बजकर 1 मिनट तक। भद्राकाल का समय सुबह में 7 बजकर 15 मिनट से 8 बजकर 01 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।