समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने आज हैदराबाद में विजन इंडिया एआई समिट को संबोधित किया। अखिलेश यादव ने कहा कि भारत को विकसित देश बनाना है तो डेमोग्राफिक डिविडेंड में आने वाली चुनौतियों पर विचार करना पड़ेगा। स्टार्टअप का इको सिस्टम तैयार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश में सबसे बड़ी चुनौती गरीबी है। नौजवानों को नौकरी और रोजगार कैसे मिले इसके लिए कार्यक्रम और नीतियां बनानी पड़ेगी। भारत में अभी भी गांव की आबादी 70 फीसदी है। गांव के लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कैसे जुड़े, तकनीक का लाभ उन तक कैसे पहुंचे, यह बड़ी चुनौती है।
यादव ने कहा कि देश का संविधान सभी को बराबरी का हक देता है। इस दिशा में सरकारों को काम करना पड़ेगा। आज डाटा सेंटर की बात होती है। इस पर विचार करने की जरूरत है कि डाटा सेंटर कैसे बने। डाटा सेंटर के लिए इस तरह की नीति बनाएं जिससे सबका साथ और सबका विकास एक साथ हो सके। समाज में पढ़ाई को लेकर बहुत भेदभाव है, वह कैसे दूर हो। इस बात पर विचार करना पड़ेगा कि स्वास्थ्य क्षेत्र, कृषि क्षेत्र और तेजी से बढ़ रहे शहरीकरण के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग किस तरह से हो, इस विषय पर भी काम होना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि डिजिटल डिवाइड को लेकर समाजवादी पार्टी ने बड़े पैमाने पर काम किया। समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान उत्तर प्रदेश में छात्र-छात्राओं को लाखों की संख्या में लैपटॉप बांटा गया था। हम उत्तर प्रदेश में एचसीएल को लेकर आए। उन्हें आधारभूत ढांचा दिया पॉलिसी से जोड़ा।
अखिलेश यादव ने इस अवसर पर आए विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट का स्वागत करते हुए कहा कि यहां से जो भी सुझाव आएंगे उन्हें हम भविष्य में अपने कार्यक्रमों में शामिल करेंगे और उसके अनुसार कार्य करेंगे। विजन इंडिया एआई समिट के सुपर सेशन के सवाल जवाब के दौरान श्री अखिलेश यादव ने कहा कि अगर हम ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को एआई जोड़ने में सफल हो गए तो बड़ा बदलाव आएगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि हैदराबाद में सबसे पहले 108 एम्बूलेंस शुरू हुई थी। हमने प्रोफेसर वेंकट को साथ लेकर यूपी में 108 एम्बूलेंस योजना की शुरूआत की। यूपी बड़ा स्टेट है। बड़ी आबादी का राज्य है। हमने यूपी में सबसे अच्छा 108 एम्बुलेंस का ढांचा तैयार किया। उसके साथ-साथ पुलिस रिस्पांस सिस्टम डायल 100 तैयार कराया। प्रो0 वेंकट यूपी के अधिकारियों को न्यूयॉर्क लेकर गये। न्यूयार्क पुलिस की कार्य प्रणाली को देखकर उसके अनुसार यूपी डायल 100 का ढांचा तैयार किया गया। डेटा और तकनीक के साथ पुलिस का इतना बड़ा रिस्पांस सिस्टम कहीं नहीं है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भविष्य में एआई का ऐसा सिस्टम बनाना पड़ेगा जिससे उसका अच्छा यूज हो। मिसयूज न हो। यह बड़ी चुनौती है। एआई कृशि क्षेत्र किसानों और खाद्य सुरक्षा में बड़ा योगदान दे सकता है। ड्रोन टेक्नालॉजी सेटलाइट इमेज का सही से प्रयोग किया जाय तो किसान को बड़ा लाभ होगा। उसकी चुनौतियां कम होंगी।
एआई के माध्यम से किसान को लाभ हो सकता है। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम विकसित हो जाये तो फैसले लेने में बड़े फायदा होगा। आने वाले समय में खेती के कार्य में एआई बड़ी भूमिका निभा सकता है। ओले पड़ने, बाढ़, सूखा समेत अन्य आपदाओं की जानकारी अगर पहले से हो जाय तो किसानों को फायदा होगा। इसी तरह से मंडी को अपग्रेट करना चाहिए। मंडी को डेटा से जोड़ना चाहिए कि कौन किसान क्या फसल ला रहा है। खरीदने वाला कौन है, इससे किसान को सपोर्ट मिल जायेगा। किसान का समय बच जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है। समय पर बीमारी की जानकारी नहीं मिल पाती है। संसाधन नहीं रहता है। ऐसे में एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। टेली मेडिसिन के द्वारा मरीजों की मदद हो सकती है। मरीजों की मदद कर सकते है। पीएचसी में एआई तेली मेडिसिन की मदद से इलाज हो सकता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी का तेजी से शहरीकरण हो रहा है। शहरों का अच्छा होना जरूरी है तभी जीवन स्तर बेहतर होगा। यूपी में एक्सप्रेस-वे का सबसे अच्छा ढांचा दिया लेकिन अन्य जगहों पर टोल पर अभी भी लोगों का समय खराब हो रहा है। यातायात सिस्टम, बिजली के क्षेत्र में एआई का प्रयोग हो सकता है। स्मार्ट टोल बनाना चाहिए। इससे रूकना नहीं पड़ेगा।
यादव ने कहा कि शहरों में बड़ी चुनौतियां है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, वेस्ट कलेक्शन में एआई का प्रयोग करने से सुधार होगा। इधर देखा जा रहा है इलेक्ट्रानिक कूड़ा बढ़ता जा रहा है। इस पर कोई नीति नहीं बनी है। इस वजह से डिस्पोजल बड़ी समस्या है। शहरों में यातायात सुधारने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम बेहतर करना पड़ेगा। तकनीक का इस्तेमाल कर भीड़भाड़ वाले इलाकों को चिह्नित कर सकते हैं। शहरों के ओवर ऑल डेवलपमेंट में एआई बड़ा रोल प्ले कर सकता है। इधर यूपी में ऑनलाइन स्कैम और साइबर फ्राड तेजी से हो रहा है। एआई जनरेटेड वीडियो आ रहे है। लोग डीप फेक, एआई जनरेटेड वीडियों को सच मान लेते हैं। एआई के दुरूपयोग से बचाना भी बड़ी चुनौती है। चुनाव के समय राजनैतिक दलों और नेताओं को लोग नुकसान पहुंचा सकते है।
यादव ने कहा कि एआई का गलत प्रयोग नहीं होना चाहिए। इसका प्रयोग पॉजिटिव होना चाहिए। लोगों को जोड़े। अभी एआई डेवलप किया है। लेकिन रेगुलेट नहीं हुआ है। देश में अभी एआई की शुरुआत है। इसके रेगुलेशन के लिए पॉलिसी बनानी पड़ेगी।
अखिलेश यादव ने कहा कि जब नई तकनीक आती है तो यह बहस चलती है कि नौकरियां कम हो जायेंगी। जब कम्यूटर आया तो भी चर्चा चली थी कि नौकरियां कम हो जायेंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज तकनीक के क्षेत्र में बड़ी संख्या में नौकरी, रोजगार आ रहा है। नई तकनीक से नौकरियां कम नहीं होंगी। युवाओं को स्किल करना पड़ेगा। नए तरीके से तैयार करना पड़ेगा। एआई से पुलिसिंग में सुधार कर सकते है। अपराध की जांच में मदद हो सकती है। साइबर क्राइम को डिटेक्ट कर सकते हैं।
हैदराबाद विजन इंडिया एआई समिट कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्र के विशेषज्ञ समेत सर्वश्री आलोक रंजन पूर्व मुख्य सचिव उ0प्र0, राजीव राय सांसद एवं अभिषेक मिश्र यूपी के पूर्व मंत्री भी शामिल रहे।