मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ने सदन में कहा कि सरकार के तीन साल पूरा होने पर जश्न नहीं, विजन बताएंगे। वहीं सदन में पंचायती राज चुनाव पर भाजपा का काम रोको प्रस्ताव मंजूर किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ने चर्चा को स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की सबसे बड़ी रक्षक कांग्रेस पार्टी है, महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं में कांग्रेस ने आरक्षण का प्रावधान किया। सरकार कानून के अनुसार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूं तो यह मामला अर्धन्यायिक रहा है। लेकिन इसके बावजूद विपक्ष ने आज संविधान दिवस होने की बात की है तो सरकार ने इसे मंजूर किया है। उन्होंने कहा कि कानून का यदि सही मायने में कोई संरक्षक है तो वह कांग्रेस पार्टी ही है। जो भी इस संबंध में कार्य हो रहा है तो वह कानून की परिधि में ही हो रहा है। कानून की परिभाषा को स्पष्ट करने का अधिकार न्यायालय के पास है और मामला कोर्ट में है। इससे पूर्व भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव लाते हुए कहा कि सरकार सांविधानिक संस्थाओं का सम्मान करे। पंचायत चुनाव समय पर होने चाहिए। आज विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन में संविधान की प्रस्तावना भी सभी से पढ़वाई। चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि 1975 में आपातकाल लगाकर भी इसी तरह से चुनाव टाले गए थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा प्रबंधन एक्ट लगाकर इसकी आड़ में चुनाव टाले जा रहे हैं। कोविड जैसा संकट होने के बावजूद भाजपा सरकार ने चुनाव करवाए। यह बहुत बड़ा संकट था। उससे बड़ा संकट आज की तिथि में नहीं है।