भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, कार्तिक, शुक्ल, अष्टमी, बुधवार, विक्रम संवत् 2082। सौर कार्तिक मास प्रविष्टे 12, जमादि उल्लावल 06, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 29 अक्टूबर 2025 ई.। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतुः। राहुकाल मध्याह्न 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक।
सप्तमी तिथि प्रातः 09 बजकर 23 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ। उत्तराषा-सजय़ नक्षत्र सायं 05 बजकर 30 मिनट तक उपरांत श्रवण नक्षत्र का आरंभ। धृतिमान योग प्रतः 07 बजकर 51 मिनट तक उपरांत शूल योग का आरंभ। वणिज करण प्रातः 09 बजकर 23 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात मकर राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - उचय अष्टान्हिक व्रतारंभ (जैन)।
सूर्योदय का समय - 6 बजकर 31 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - 5 बजकर 38 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 48 मिनट से सुबह 5 बजकर 39 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक इसके बाद 2 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल रात में 11 बजकर 39 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 4 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 7 बजकर 54 मिनट से 9 बजकर 18 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक। भद्राकाल का समय सुबह में 9 बजकर 23 मिनट से 9 बजकर 50 मिनट तक
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है। अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
हिंदू पंचांग को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।