भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, आश्विन, शुक्ल, एकादशी, सौर आश्विन मास प्रविष्टे 18, रवि उस्सानी 10, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 03 अक्टूबर सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, शरद ऋतुः। राहुकाल प्रातः 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजे तक। एकादशी तिथि सायं 06 बजकर 33 मिनट तक उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ।
श्रवण नक्षत्र प्रातः 09 बजकर 34 मिनट तक उपरांत धनिष्ठा नक्षत्र का आरंभ। धृतिमान योग रात्रि 09 बजकर 41 मिनट तक उपरांत शूल योग का आरंभ। वणिज करण प्रातः 06 बजकर 58 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा रात्रि 09 बजकर 27 मिनट तक मकर उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - उचय भरत मिलानी पापांकुशा एकादशी।
सूर्योदय का समय - 6 बजकर 15 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - 6 बजकर 5 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 38 मिनट से सुबह 5 बजकर 26 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 8 मिनट से 2 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। निशीथ काल रात में 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 6 बजकर 5 मिनट से 6 बजकर 29 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 3 बजकर 30 से 4 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 7 बजकर 44 मिनट से 9 बजकर 13 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 8 बजकर 37 मिनट से 9 बजकर 24 मिनट तक। भद्राकाल का समय सुबह में 6 बजकर 57 मिनट से 6 बजकर 32 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।