आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 30 सितम्बर का पंचांग
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, आश्विन, शुक्ल, अष्टमी, सौर आश्विन मास प्रविष्टे 15, रवि उस्सानी 07, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 30 सितम्बर सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, शरद ऋतुः। राहुकाल दोपहर 03 बजे से 04 बजकर 30 मिनट तक।
अष्टमी तिथि सायंकाल 06 बजकर 06 मिनट तक उपरांत नवमी तिथि का आरंभ। मूल नक्षत्र प्रातः 06 बजकर 17 मिनट तक उपरांत पूर्वाषाढ़ नक्षत्र का आरंभ। शोभन योग अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 03 मिनट तक उपरांत अतिगण्ड योग का आरंभ। वणिज करण सायं 06 बजकर 06 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात धनु राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - श्री दुर्गा महाष्टमी, कन्या पूजन, भद्रकाली प्राकट्योत्सव।
सूर्योदय का समय - 6 बजकर 12 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - 6 बजकर 12 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 37 मिनट से सुबह 5 बजकर 25 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 10 मिनट से 2 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। निशीथ काल रात में 11 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 6 बजकर 8 मिनट से 6 बजकर 32 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 10 बजकर 41 मिनट से 12 मिनट से 11 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 8 बजकर 36 मिनट से 9 बजकर 24 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।