भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, आश्विन, शुक्ल, षष्ठी, रविवार, विक्रम संवत 2082। सौर आश्विन मास प्रविष्टे 13, रवि उस्सानी 05, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 28 सितम्बर सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, शरद ऋतुः। राहुकाल सायं 04 बजकर 30 मिनट से 06 बजे तक। षष्ठी तिथि अपराह्न 02 बजकर 27 मिनट तक उपरांत सप्तमी तिथि का आरंभ।
ज्येष्ठा नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 03 बजकर 55 मिनट तक उपरांत मूल नक्षत्र का आरंभ। आयुष्मान योग रात्रि 12 बजकर 32 मिनट तक उपरांत सौभाग्य योग का आरंभ। तैतिल करण दोपहर 02 बजकर 27 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ। चन्द्रमा रात्रि 03 बजकर 55 मिनट तक वृश्चिक उपरांत धनु राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार चित्रा में बुध, कालरात्रि सप्तमी।
सूर्योदय का समय - 6 बजकर 12 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - 6 बजकर 10 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 36 मिनट से सुबह 5 बजकर 24 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 11 मिनट से 2 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। निशीथ काल रात में 11 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 36 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 6 बजकर 10 मिनट से 6 बजकर 35 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
शाम में 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 जकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 9 बजकर 12 मिनट से 10 मिनट से 41 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल शाम में 4 बजकर 35 मिनट से 5 बजकर 23 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।