भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, भाद्रपद, शुक्ल, द्वादशी, सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे 20, रवि उल्लावल 11, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 04 सितम्बर सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतुः। राहुकाल दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक। द्वादशी तिथि अर्धरात्रोत्तर 04 बजकर 08 मिनट तक।
उत्तराषाढ़ नक्षत्र पूर्वाह्न 11 बजकर 44 मिनट तक उपरांत श्रवण नक्षत्र का आरंभ। सौभाग्य योग दिन के 03 बजकर 21 मिनट तक उपरांत शोभन योग का आरंभ। बव करण सायं 04 बजकर 21 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात मकर राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार श्रवण द्वादशी, पयोव्रतारंभ, वामन जयंती।
सूर्योदय का समय- 6 बजे मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - 6 बजकर 39 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 30 मिनट से सुबह 5 बजकर 15 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 26 मिनट से 3 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। निशीथ काल रात में 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 43 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 6 बजकर 39 मिनट से 7 बजकर 2 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 35 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 10 बजकर 13 मिनट से 11 बजकर 04 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।