भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।
आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, भाद्रपद, शुक्ल, दशमी, सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे 18, रवि उल्लावल 09, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 02 सितम्बर सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतुः।
राहुकाल दोपहर 03 बजे से 04 बजकर 30 मिनट तक। दशमी तिथि अगले दिन अरूणोदय 03 बजकर 54 मिनट तक। मूल नक्षत्र रात्रि 09 बजकर 51 मिनट तक उपरांत पूर्वाषा-सजय़ भोग करेगा। प्रीति यो 04 बजकर 39 मिनट तक उपरांत आयुष्मान योग का आरंभ, तैतिल करण अपराह्न 03 बजकर 23 निमट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात धनु राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार : दशावतार दशमी, गण्डमूल 21:51 तक।
सूर्योदय का समय - 5 बजकर 59 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - 6 बजकर 41 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 29 मिनट से सुबह 5 बजकर 14 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 27 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। निशीथ काल रात में 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 43 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 6 बजकर 41 मिनट से 7 बजकर 4 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 12 बजकर 20 मिनट से 1 बजकर 55 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 8 बजकर 32 मिनट से 9 बजकर 23 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।