भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, भाद्रपद, कृष्णा, एकादशी, सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे 04, सफ़र 24, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 19 अगस्त सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतुः। राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक।
एकादशी तिथि अपराह्न 03 बजकर 33 मिनट तक उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ। आद्र्रा नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 08 मिनट तक उपरांत पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ। वज्र योग रात्रि 08 बजकर 30 मिनट तक उपरांत सिद्धि योग का आरंभ। बालव करण अपराह्न 03 बजकर 33 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात मिथुन राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - अजा एकादशी व्रत।
सूर्योदय - सुबह में 5 बजकर 52 मिनट तक।
सूर्यास्त - शाम में 6 बजकर 56 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 25 मिनट से सुबह 5 बजकर 9 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 35 मिनट से 3 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्य रात्रि रात में 12 बजकर 3 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 6 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 18 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 5 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 30 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 8 बजकर 29 मिनट से 9 बजकर 22 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।