भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, श्रावण शुक्ल, नवमी, सौर श्रावण मास प्रविष्टे 19, सफ़र 08, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 03 अगस्त सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतुः। राहुकाल सायं 04 बजकर 30 मिनट तक। नवमी तिथि प्रातः 09 बजकर 43 मिनट तक उपरांत दशमी तिथि का आरंभ।
विशाखा नक्षत्र प्रातः 06 बजकर 35 मिनट तक उपरांत अनुराधा नक्षत्र का आरंभ। शुक्ल योग प्रातः 06 बजकर 24 मिनट तक उपरांत ब्रह्म योग का आरंभ। कौलव करण प्रातः 08 बजकर 43 मिनट तक उपरांत गर करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात वृश्चिक राशि पर संचार करेगा।
सूर्योदय का समय - 5 बजकर 43 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - 7 बजकर 10 मिनट पर ।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 19 मिनट से सुबह 5 बजकर 1 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 42 मिनट से 3 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्य रात्रि रात में 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 7 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 32 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
शाम में 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 9 बजकर 5 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल शाम में 5 बजकर 23 मिनट से 6 बजकर 17 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।